भारत का वो अनोखा मंदिर, जहां 'कलम' वाले गणपति लिखते हैं भक्तों का भाग्य!
भारत मंदिरों का देश है, और यहां हर मंदिर की अपनी एक अलग कहानी, अपनी एक अलग परंपरा है। भगवान गणेश, जिन्हें हम विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता के रूप में पूजते हैं, उनके भी देशभर में अनगिनत मंदिर हैं। लेकिन, आज हम आपको गणपति बप्पा के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जैसा आपने पहले कभी न देखा होगा और न ही सुना होगा।
यह एक ऐसा मंदिर है, जहां गणपति बप्पा अपने चिर-परिचित रूप, यानी मोदक और लड्डू के साथ नहीं, बल्कि हाथ में कलम और किताब (पुराण) लिए हुए विराजमान हैं।
कहां है यह अद्भुत मंदिर?
यह अनोखा और विशेष मंदिर तमिलनाडु के खूबसूरत 'पिल्लैयारपट्टी' नामक स्थान पर स्थित है। इस मंदिर का नाम 'करपगा विनयगर मंदिर' है। यह भारत के सबसे प्राचीन और चमत्कारी गणेश मंदिरों में से एक माना जाता है।
क्यों हैं यहां के गणपति इतने खास और अनोखे?
इस मंदिर की सबसे बड़ी और सबसे आकर्षक विशेषता है यहां विराजमान गणपति जी की प्रतिमा। यह कोई अलग से बनाई गई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक ही विशाल चट्टान को काटकर बनाई गई 6 फीट ऊंची प्रतिमा है।
- दो भुजाओं वाले गणपति: आमतौर पर हम भगवान गणेश की चार भुजाओं वाली मूर्तियां देखते हैं, लेकिन यहां बप्पा की सिर्फ दो भुजाएं हैं।
- हाथ में कलम और किताब: सबसे अनोखी बात यह है कि बप्पा यहां लिखने की मुद्रा में बैठे हैं। उनके हाथ में लड्डू या मोदक नहीं, बल्कि एक कलम (लेखनी) और किताब (पुराण) है। ऐसी मान्यता है कि वे यहां बैठकर भक्तों के भाग्य का लेखा-जोखा लिखते हैं।
- पूर्व नहीं, उत्तर दिशा की ओर मुख: यहां गणपति जी की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है और उनका मुख उत्तर दिशा की ओर है, जो धन और समृद्धि के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है।
क्या है यहां की खास परंपरा?
इस मंदिर की एक और बहुत ही खास और अनोखी परंपरा है, जो इसे बाकी मंदिरों से बिल्कुल अलग बनाती है। यहां के पुजारी गणपति जी का अभिषेक सीधे मूर्ति पर नहीं करते हैं। जी हां, क्योंकि यह एक चट्टान से बनी (स्वयंभू) प्रतिमा है, इसलिए अभिषेक का जल सीधे मूर्ति पर चढ़ाने की मनाही है। इसके बजाय, मूर्ति के ऊपर एक तांबे का पात्र बांधा गया है, जिसमें से बूंद-बूंद करके जल मूर्ति पर गिरता रहता है।
यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि वास्तुकला और मूर्तिकला का भी एक अद्भुत नमूना है। जो भी भक्त यहां सच्चे मन से विद्या, बुद्धि और सफलता की कामना लेकर आता है, 'कलम' वाले गणपति उसे कभी निराश नहीं करते।