पंजाब पर मंडराया 'बाढ़' का खतरा! रावी, ब्यास और सतलुज उफान पर, मौसम विभाग ने जारी किया सबसे बड़ा अलर्ट
मानसून का आखिरी दौर अक्सर सबसे खतरनाक साबित होता है, और इस वक्त पंजाब के हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने राज्य की तीनों प्रमुख नदियों - रावी, ब्यास और सतलुज - को उफान पर ला दिया है, और अब मौसम विभाग (IMD) ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने पूरे राज्य की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए पंजाब के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी इस बात का संकेत है कि आने वाले कुछ दिन पंजाब के लिए बहुत भारी पड़ने वाले हैं, और राज्य एक बड़ी बाढ़ (Flood) की आपदा के मुहाने पर खड़ा है।
नदियों ने पार किया खतरे का निशान
पहाड़ी इलाकों और राज्य में हो रही लगातार बारिश के कारण पंजाब की जीवनरेखा कही जाने वाली ये नदियां अब डराने लगी हैं।
- भाखड़ा और पोंग जैसे बड़े बांधों के गेट भी खोलने पड़े हैं, जिससे नदियों का जलस्तर और भी तेजी से बढ़ रहा है।
- कई जगहों पर, रावी, ब्यास और सतलुज खतरे के निशान के ऊपर या उसके बिल्कुल करीब बह रही हैं।
नदियों के किनारे बसे हजारों गांवों पर बाढ़ का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। लोगों के दिलों में एक डर बैठ गया है, और उन्हें पिछले सालों की भयानक बाढ़ की यादें सताने लगी हैं।
किन जिलों में है सबसे ज्यादा खतरा?
यह अलर्ट खास तौर पर गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, और रोपड़ जैसे उन जिलों के लिए है जो इन नदियों के सबसे करीब हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों से खास अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर
इस रेड अलर्ट के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरी पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन 'एक्शन मोड' में आ गया है।
- सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फाॅर्स) की टीमों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
- लोगों को नदियों और बरसाती नालों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
अगले दो-तीन दिन पंजाब के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी हैं। एक तरफ जहां सरकार तैयारियों का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ लोग आसमान की ओर देखकर बस यही दुआ कर रहे हैं कि बारिश का यह कहर जल्द से जल्द थम जाए।