कचहरी के धक्के अब बीते दिनों की बात ,पंजाब की मान सरकार ने घर बैठे सुविधाओं का जो तोहफा दिया है
News India Live, Digital Desk : अक्सर कहा जाता है कि अगर सिस्टम सही हो, तो आम आदमी की आधी चिंताएं वैसे ही खत्म हो जाती हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का सपना 'घर बैठे सरकार' (Sarkar Aapke Dwar) अब हकीकत बनता दिख रहा है। आंकड़ों की मानें तो करीब 1.85 लाख लोगों को ध्यान में रखकर इस सिस्टम को इतना मज़बूत बनाया गया है कि जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) से लेकर बुढ़ापा पेंशन तक की कुल 437 सेवाएं अब आपके स्मार्टफोन या नजदीकी सेवा केंद्र के ज़रिए घर तक पहुंचेंगी।
कैसे खत्म हुआ दफ्तरों का डर?
पहले क्या होता था? एक फाइल पास करानी हो, तो बाबू के आगे-पीछे घूमना पड़ता था। लेकिन इस नए 'डिजिटल बदलाव' का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें भ्रष्टाचार (Corruption) की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। जब काम ऑनलाइन होगा और हर फाइल का ट्रैक रिकॉर्ड रहेगा, तो किसी को भी बेवजह चक्कर कटाना मुमकिन नहीं होगा। मान सरकार ने साफ़ कर दिया है कि पंजाब का हर नागरिक उनके लिए VIP है, और VIPs को सरकारी दफ्तरों की लाइनों में खड़ा करना शोभा नहीं देता।
1.85 लाख लोगों तक सीधी पहुँच
शुरुआती चरण में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे काफी प्रभावशाली हैं। हज़ारों लोग पहले ही इन डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अगर आपको कोई डॉक्युमेंट चाहिए, तो आपको बस निर्धारित पोर्टल या एप पर अपनी जानकारी भरनी है। इसके बाद विभाग खुद हरकत में आएगा और आपका काम पूरा होने पर सूचना आपके पास पहुंच जाएगी। कुछ सेवाओं में तो 'डोरस्टेप डिलीवरी' (Doorstep Delivery) की सुविधा भी है, यानी सरकारी कर्मचारी खुद आपके घर आकर कागज़ात दे जाएगा।
ट्रांसपेरेंसी और वक़्त की बचत
2026 के इस दौर में वक्त से ज़्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। पंजाब सरकार की इस पहल से न केवल आम जनता का कीमती समय बचेगा, बल्कि दलालों और बिचौलियों का खेल भी खत्म होगा। किसान हों, मज़दूर हों या छात्र अब हर कोई बिना किसी सिफारिश के अपना काम समय पर पूरा करवा सकेगा।
मेरी राय:
प्रशासन को 'डिजिटल' करना केवल कागज़ बचाना नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को आम आदमी के करीब लाना है। पंजाब अगर इसी रफ़्तार से बढ़ा, तो बहुत जल्द यह देश का सबसे पारदर्शी और डिजिटल राज्य बन सकता है।