जयपुर में धाकड़ समाज की हुंकार 5% आरक्षण और छात्रावास की मांग पर दी सरकार को दो टूक चेतावनी
News India Live, Digital Desk: प्रदेश की राजधानी जयपुर में सोमवार को धाकड़ समाज के महाधिवेशन में शक्ति प्रदर्शन के साथ मांगों का पिटारा खोला गया। विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित इस विशाल सम्मेलन में समाज के हजारों लोगों ने शिरकत की और सरकार के सामने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा। समाज के नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, सरकार को जमीनी स्तर पर कदम उठाने होंगे। अधिवेशन में मुख्य रूप से 5% अलग आरक्षण और जयपुर में समाज के लिए छात्रावास (Hostel) की मांग छाई रही।
5% आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान
अधिवेशन के दौरान जैसे ही ओबीसी (OBC) श्रेणी के भीतर धाकड़ समाज के लिए 5% अलग आरक्षण का मुद्दा उठा, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वक्ताओं ने कहा कि कई अन्य समाज राजनीतिक दबाव बनाकर अपना हक ले चुके हैं, लेकिन धाकड़ समाज अपनी शालीनता के कारण पिछड़ा रह गया है। मंच से साफ संदेश दिया गया कि अब "भावनाएं नहीं, दबाव चाहिए।" समाज के युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी आरक्षण की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
छात्रावास के मुद्दे पर भावुक हुआ समाज
अधिवेशन का सबसे भावनात्मक पल तब आया जब जयपुर में धाकड़ समाज के छात्रावास की मांग उठी। वक्ताओं ने सवाल किया कि "जब जयपुर में दूसरे समाजों की अपनी भव्य इमारतें और छात्रावास हैं, तो हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित पहचान कब बनेगी?" इस दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने समाज को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार जमीन आवंटन और छात्रावास निर्माण की प्रक्रिया को गति देगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि समाज को संगठित होने के साथ-साथ डिजिटल तकनीक को भी अपनाना होगा।
कुप्रथाओं पर प्रहार और एकजुटता का संदेश
अधिवेशन केवल राजनीतिक मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सुधारों पर भी चर्चा हुई। हाड़ौती और मालवा क्षेत्र से आए प्रतिनिधियों ने प्री-वेडिंग शूट, मृत्यु भोज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का संकल्प लिया। पूर्व संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने कहा कि समाज की असली पूंजी "ईमानदारी और मेहनत" है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि समाज अपनी राजनीतिक ताकत को भी पहचाने। सम्मेलन में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया गया