रक्षक बना भक्षक जयपुर में जब एक करोड़ की 'वसूली' के आरोप में पकड़ा गया बड़ा पुलिस अधिकारी
News India Live, Digital Desk : आज 1 जनवरी, 2026 है। जहां जयपुर के मंदिरों और पिकनिक स्पॉट्स पर लोग नए साल की खुशियां मना रहे थे, वहीं जयपुर की एसीबी (Anti-Corruption Bureau) की टीम एक बड़े ऑपरेशन में जुटी थी। पुलिस महकमे के लिए आज का दिन काफी भारी रहा। एक काबिल माने जाने वाले RPS अधिकारी, रितेश पटेल की गिरफ्तारी ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
मामला क्या है?
बताया जा रहा है कि रितेश पटेल पर 1 करोड़ रुपये की बड़ी वसूली (extortion) का आरोप लगा है। जब हम पुलिस वाले को देखते हैं, तो एक उम्मीद होती है कि वह न्याय करेगा। लेकिन इस मामले में आरोप है कि वर्दी का धौंस दिखाकर सामने वाले पक्ष को डराया गया और मोटी रकम की मांग की गई। यह रकम किसी आम इंसान की पूरी ज़िंदगी की जमापूंजी से भी कहीं ज़्यादा है।
ACB ने कैसे बिछाया जाल?
भ्रष्टाचार की इस पूरी कहानी का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित पक्ष ने हिम्मत दिखाई और एसीबी से संपर्क किया। इसके बाद जो हुआ, वह राजस्थान पुलिस के लिए शर्मसार करने वाला था। रितेश पटेल और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर जब एसीबी ने दबिश दी, तो भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगीं। यह महज़ एक शिकायत नहीं थी, बल्कि एसीबी के पास पुख्ता सबूत थे।
समाज पर क्या होगा असर?
सोचिये, जब रसूखदार अधिकारी ऐसी हरकतों में शामिल होते हैं, तो सबसे ज़्यादा नुकसान आम आदमी के उस भरोसे को होता है जो वह पुलिस पर करता है। 1 करोड़ जैसी बड़ी रकम की मांग करना कोई छोटा अपराध नहीं है। रितेश पटेल की गिरफ्तारी के बाद अब विभागीय जांच भी तेज हो गई है और जयपुर में हर कोई इसी मामले पर चर्चा कर रहा है।
अंत में बस यही...
नया साल भले ही शुरू हो गया हो, लेकिन कानून का पंजा कभी पुराना नहीं होता। इस मामले ने एक बार फिर साबित किया है कि कोई अधिकारी चाहे कितने ही बड़े पद पर क्यों न बैठा हो, अगर उसने भ्रष्टाचार का रास्ता चुना है, तो उसे सलाखों के पीछे जाना ही पड़ेगा। उम्मीद है कि यह घटना विभाग के अन्य अधिकारियों के लिए भी एक सबक साबित होगी।