जयपुर के चौमूं में बवाल के बाद बुलडोजर की एंट्री, मस्जिद पर पथराव और फिर इमाम चौक पर चला प्रशासन का डंडा

Post

News India Live, Digital Desk: साल 2026 की शुरुआत जयपुर के पास बसे चौमूं (Chomu) कस्बे के लिए कुछ ठीक नहीं रही। नए साल के जश्न की खबरों के बीच कल शाम अचानक वहाँ के इमाम चौक और मस्जिद के आसपास से ऐसी खबर आई जिसने सबको सन्न कर दिया। आपसी कहासुनी और तनाव इस कदर बढ़ गया कि मामला पथराव तक पहुँच गया। लेकिन बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं हुई, इस उपद्रव के अगले ही दिन यानी आज प्रशासन ने वो कदम उठाया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।

पथराव की वह रात...
बताया जा रहा है कि चौमूं के इमाम चौक इलाके में स्थित मस्जिद के पास दो गुटों के बीच कुछ कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते पत्थरबाज़ी में बदल गई। सड़कों पर भगदड़ मच गई और इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। जैसे ही पत्थरबाजी की खबर फैली, भारी मात्रा में पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया। पत्थरबाज़ी की इस घटना में इलाके की शांति भंग हुई, जिससे लोग डरे-सहमे नजर आए।

जब सुबह होते ही पहुंचा 'बुलडोजर'
अक्सर लोग समझते हैं कि ऐसे मामलों में सिर्फ़ गिरफ्तारियां होंगी, लेकिन यहाँ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। पथराव की घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस और नगर पालिका की टीम दलबल के साथ इमाम चौक पहुँच गई। जहाँ एक तरफ माहौल को शांत रखने के लिए 'चप्पे-चप्पे पर पुलिस' खड़ी थी, वहीं दूसरी तरफ अवैध कब्जों और निर्माणों पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई। इमाम चौक के पास जो दुकानें या चबूतरे अवैध रूप से बनाए गए थे, उन्हें कुछ ही देर में ज़मींदोज कर दिया गया।

इलाके में भारी तनाव, इंटरनेट और सख्ती
इस कार्रवाई के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन पुलिस की गाड़ियाँ लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं। स्थानीय लोगों के मन में गुस्सा भी है और डर भी। प्रशासन का कहना है कि पत्थरबाजी करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया पहले से तय थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया गया है। अफवाहों को रोकने के लिए कुछ जगहों पर एहतियात के तौर पर पाबंदियाँ भी बढ़ाई गई हैं।

सिर्फ कानून की बात या सख्त संदेश?
देखा जाए तो राजस्थान में अब इस तरह की कार्रवाई को एक 'सख्त संदेश' के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार यह साफ़ कर देना चाहती है कि अगर धार्मिक स्थलों के पास शांति भंग हुई या कानून को हाथ में लिया गया, तो सजा कड़ी होगी। चौमूं के इस इमाम चौक वाली घटना ने एक बार फिर से कानून व्यवस्था और अवैध निर्माणों के खिलाफ चलने वाले 'बुलडोजर मॉडल' की चर्चा छेड़ दी है।

फिलहाल, प्रशासन शांति मार्च निकाल रहा है और दोनों पक्षों से बातचीत की कोशिश की जा रही है ताकि दोबारा ऐसी नौबत न आए।