'The Udaipur Files' की असफलता पर भड़के निर्माता, कहा- "देश की जनता और क्रिटिक्स 'मूर्ख' हैं"

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भारतीय सिनेमा में हाल के दिनों में 'The Kashmir Files' और 'The Kerala Story' जैसी फिल्मों की जबरदस्त सफलता ने एक नए ट्रेंड को जन्म दिया है, जहां निर्माता वास्तविक घटनाओं या विवादास्पद विषयों पर फिल्में बनाकर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में, हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'द उदयपुर फाइल्स' (The Udaipur Files) को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर पड़ी ਹੈ।

फिल्म को न तो दर्शकों ने पसंद किया और न ही फिल्म समीक्षकों (Critics) ने। लेकिन अब फिल्म की इस बुरी तरह से असफलता के बाद, फिल्म के निर्माताओं में से एक की बौखलाहट सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसा विवादित बयान दे डाला है, जिसने एक नए बहस को जन्म दे दिया ਹੈ। अपनी फिल्म के फ्लॉप होने का गुस्सा निकालते हुए उन्होंने कहा है कि "इस देश की जनता और क्रिटिक्स 'मूर्ख' और 'अज्ञानी' हैं।"

क्या थी 'द उदयपुर फाइल्स' और क्यों हुई फ्लॉप?

यह फिल्म उदयपुर में हुई कन्हैया लाल की दर्जी की दुखद और नृशंस हत्या की सच्ची घटना पर आधारित होने का दावा करती है। निर्माताओं को उम्मीद थी कि इस संवेदनशील और भावनात्मक विषय पर बनी फिल्म को दर्शक हाथों-हाथ लेंगे, जैसा कि 'द कश्मीर फाइल्स' के साथ हुआ था।

लेकिन परिणाम उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहे। फिल्म अपनी रिलीज के पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आई। इसकी असफलता के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

  • खराब कहानी और निर्देशन: फिल्म समीक्षकों और दर्शकों, दोनों का मानना  फिल्म की कहानी बेहद कमजोर थी और निर्देशन में कोई दम नहीं था। एक गंभीर विषय को पर्दे पर ठीक से नहीं उतारा जा सका।
  • कलाकारों का कमजोर अभिनय: फिल्म में कोई बड़ा और जाना-पहचाना चेहरा नहीं था, और जो कलाकार थे, उनका अभिनय भी दर्शकों पर कोई प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा।
  • नकारात्मक प्रचार: कई लोगों ने इसे एक 'प्रोपेगेंडा' फिल्म भी करार दिया, जिससे एक बड़ा दर्शक वर्ग पहले ही इससे दूर हो गया।

 

निर्माता का विवादित बयान: बौखलाहट या हकीकत?

फिल्म के बुरी तरह पिट जाने के बाद, निर्माता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा:

"मैं अपनी फिल्म 'द उदयपुर फाइल्स' के नतीजे से निराश हूं, लेकिन हैरान नहीं। यह एक बार फिर साबित करता है कि इस देश की जनता और फिल्म समीक्षकों का बड़ा हिस्सा कितना मूर्ख और अज्ञानी है। वे मसाला एंटरटेनमेंट और नाच-गाने से आगे कुछ नहीं देखना चाहते। जब उन्हें एक गंभीर और आंखें खोलने वाली फिल्म दिखाई जाती ਹੈ, तो वे उसे खारिज कर देते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि "हमारी फिल्म सच्ची घटना पर आधारित थी, लेकिन लोगों ने इसे देखने की जहमत नहीं उठाई। शायद हमारा समाज अभी इस तरह की कच्ची और ईमानदार सच्चाई के लिए तैयार नहीं है।"

 

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

निर्माता के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

  • आलोचना करने वाले: कई यूजर्स ने निर्माता को जमकर ट्रोल किया है। लोगों का कहना ਹੈ ਕਿ अपनी खराब फिल्म की असफलता का ठीकरा जनता पर फोड़ना गलत ਹੈ। अगर आपकी फिल्म अच्छी होती, तो लोग उसे जरूर देखते, जैसा कि उन्होंने '12th Fail' जैसी फिल्मों के साथ किया, जिसमें कोई बड़ा स्टार नहीं था।
  • समर्थन करने वाले: वहीं, कुछ लोग निर्माता के समर्थन में भी आए हैं। उनका मानना  आज के समय में अच्छी और कंटेंट वाली फिल्मों को सराहना नहीं मिलती, जबकि एक्शन और मसाला फिल्में हजारों करोड़ कमा रही हैं।

यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या आज का दर्शक वाकई अच्छी और गंभीर फिल्मों को नकार रहा , या फिर 'सच्ची घटनाओं' के नाम पर खराब कंटेंट परोसने को अब जनता स्वीकार नहीं कर रही? 'द उदयपुर फाइल्स' की असफलता और उस पर निर्माता की यह तीखी प्रतिक्रिया, दोनों ही बॉलीवुड के लिए एक केस स्टडी बन गए ।

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