यूपी में बन रहा है सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, क्या आपका जिला भी इसमें शामिल है?

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Uttar Pradesh new expressway : उत्तर प्रदेश अब वो राज्य बन गया है जहाँ देश में सबसे ज़्यादा एक्सप्रेसवे हैं। इस समय प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे चालू हैं और 5 पर काम तेज़ी से चल रहा है। आने वाले समय में 9 और नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है, जो प्रदेश की तरक्की में एक नया अध्याय जोड़ेंगे। इनमें से एक एक्सप्रेसवे तो बहुत ही लंबा होने वाला है।

सरकार का फोकस मजबूत बुनियादी ढांचे पर

उत्तर प्रदेश की सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर पूरा ध्यान दे रही है। ये एक्सप्रेसवे अब प्रदेश की जीवन रेखा बन गए हैं, जो अलग-अलग जिलों को आपस में जोड़कर सफ़र को आसान और तेज़ बना रहे हैं।

गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे: अब तक का सबसे लंबा सफ़र

आने वाले समय में गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। इसे बनाने के लिए तीसरा सर्वे भी पूरा हो चुका है और अब 22 जिलों में एलाइनमेंट का सर्वे अपने आखिरी चरण में है। इस सर्वे के आधार पर एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

इस DPR से यह साफ हो जाएगा कि एक्सप्रेसवे पर कहाँ और कितने पुल, ओवरब्रिज और फ्लाईओवर बनेंगे। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट को फाइनल होने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है।

दो हिस्सों में पूरा होगा काम

इस बड़े एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में पानीपत-शामली से पुवायां तक लगभग 450 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा। इसके बाद, दूसरे चरण में पुवायां से गोरखपुर के बीच करीब 300 किलोमीटर का निर्माण होगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश का पूर्वी और पश्चिमी हिस्सा सीधे तौर पर जुड़ जाएगा और गोरखपुर से शामली का सफ़र सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा।

नए रास्ते पर बनेगी सड़क

पहले के सर्वे में गोरखपुर से बस्ती, गोंडा और सीतापुर तक का रूट तय किया गया था, लेकिन अब इसे नए सिरे से बनाने की तैयारी है। अब ऐसी उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे नेपाल सीमा से सटे जिलों से होते हुए लखनऊ, सीतापुर, बरेली और मेरठ को जोड़कर शामली तक जाएगा। NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, एलाइनमेंट सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसके बाद DPR बनाकर सरकार को भेजी जाएगी।

कई जिलों से होकर गुज़रेगा ये एक्सप्रेसवे

यह नया एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई अहम जिलों जैसे मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, पानीपत, शामली, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती और गोरखपुर को आपस में जोड़ेगा।

इसके बनने से न सिर्फ सफ़र आसान होगा, बल्कि औद्योगिक शहरों और छोटे कस्बों में रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे। माल ढुलाई की लागत कम होगी, जिससे व्यापार बढ़ेगा और नेशनल हाईवे पर गाड़ियों का दबाव भी कम होगा, जिससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है।