Kalashtami 2026 : कालभैरव को प्रसन्न करने का महासंयोग नजर दोष और शत्रुओं के नाश के लिए करें ये अचूक उपाय
News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में कालअष्टमी का दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान कालभैरव को समर्पित है। चैत्र मास की कालअष्टमी का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन किए गए उपाय न केवल जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं, बल्कि भीषण से भीषण 'नजर दोष' और नकारात्मक ऊर्जा का भी अंत कर देते हैं। साल 2026 में चैत्र कालअष्टमी की तिथि और इस दिन किए जाने वाले गुप्त टोटकों के बारे में यहाँ विस्तार से जानें।
कालअष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालअष्टमी मनाई जाती है।
तारीख: साल 2026 में कालअष्टमी 10 मार्च, मंगलवार को मनाई जा रही है।
विशेष संयोग: मंगलवार का दिन होने के कारण इस बार कालभैरव और हनुमान जी की कृपा एक साथ प्राप्त होगी, जिससे इस दिन का महत्व दोगुना हो गया है।
नजर दोष और बाधाएं दूर करने के 5 अचूक उपाय
यदि आपको लगता है कि आपके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं या घर में किसी को बुरी नजर लगी है, तो कालअष्टमी के दिन ये उपाय जरूर करें:
काले कुत्ते को भोजन: कालभैरव का वाहन कुत्ता है। आज के दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी या गुड़ खिलाने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और शत्रु बाधा दूर होती है।
सरसों के तेल का दीपक: शाम के समय कालभैरव के मंदिर में चौमुखी दीपक जलाएं। इसमें थोड़े काले तिल डाल दें, इससे घर की नकारात्मकता खत्म होती है।
नींबू का टोटका: एक साफ नींबू लेकर उसे पीड़ित व्यक्ति के सिर से 7 बार वार कर किसी चौराहे पर रख दें। नजर दोष से तुरंत राहत मिलती है।
काले धागे का उपाय: कालअष्टमी के दिन भैरव जी के चरणों से स्पर्श कराकर काला धागा धारण करने से बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।
शमी के पत्ते: भगवान भैरव को शमी के पत्ते अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
क्यों डरे काल से, जब साथ हों कालभैरव?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालभैरव 'काल' यानी समय के भी अधिपति हैं। जो भक्त सच्चे मन से अष्टमी के दिन उनकी उपासना करते हैं, उनके जीवन से अकाल मृत्यु का भय और हर प्रकार का मानसिक तनाव दूर हो जाता है। विशेषकर मंगलवार को पड़ने वाली इस अष्टमी पर भैरव चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।