जीत या हार नहीं, मुद्दा भरोसे का है सपा प्रमुख ने साफ कर दिया कि वो EVM का पीछा छोड़ने वाले नहीं हैं
News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति में एक रिवाज सा बन गया है जब नेता चुनाव हार जाते हैं, तो ठीकरा EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर फोड़ देते हैं, और जब जीत जाते हैं, तो उसी मशीन की 'पारदर्शिता' की तारीफ करते हैं। लेकिन, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अब एक ऐसी बात कह दी है, जो इस पुरानी रीत को तोड़ती नजर आ रही है।
अक्सर चर्चा होती है कि अगर विपक्ष जीत गया, तो क्या वो EVM पर सवाल उठाना बंद कर देगा? इसी का जवाब अखिलेश ने अपनी हालिया बातचीत में बड़े ही दिलचस्प तरीके से दिया है।
"मुझे 80 सीटें मिल जाएं, तब भी राय नहीं बदलेगी"
अखिलेश यादव ने डंके की चोट पर कहा है कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीत भी जाती है, तो भी वह EVM को पसंद नहीं करेंगे। उनका कहना है, "मेरा मन नहीं मानेगा। मैं जीत के बाद भी यही कहूंगा कि चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से ही होने चाहिए।"
यह बयान इसलिए मायने रखता है क्योंकि आमतौर पर नेता जीतने के बाद मशीन के मुद्दे पर चुप हो जाते हैं। लेकिन अखिलेश का कहना है कि यह मुद्दा हार-जीत का नहीं, बल्कि 'विश्वास' का है।
क्यों नहीं है मशीन पर भरोसा?
अखिलेश अक्सर दुनिया के ताकतवर देशों का उदाहरण देते हैं। उनका तर्क बड़ा सीधा है— "अगर अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे टेक्नोलॉजी के बादशाह देश बैलेट पेपर से चुनाव करा रहे हैं, तो हम भारत में मशीन से क्यों चिपके हुए हैं?" उनका मानना है कि मशीन में सॉफ्टवेयर होता है और हर सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।
सपा प्रमुख का कहना है कि मशीन जनता के मन में वो भरोसा पैदा नहीं कर पा रही है जो एक कागज का टुकड़ा (बैलेट पेपर) कर सकता है। जब ठप्पा लगता है और पेटी में जाता है, तो मतदाता को यकीन होता है कि उसका वोट सही जगह गया है।
आगे की राह क्या है?
इस बयान से एक बात तो साफ़ है कि आने वाले समय में, चाहे विधानसभा चुनाव हों या कोई और इलेक्शन, समाजवादी पार्टी EVM हटाओ मुहिम को ठंडा नहीं पड़ने देगी। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को भी यह संदेश दे दिया है कि सतर्क रहें और सिर्फ मशीन के भरोसे न बैठें।
यह बहस लंबी है, लेकिन अखिलेश ने यह कहकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सच में हम तकनीकी सुविधा के चक्कर में 'भरोसे' के साथ समझौता कर रहे हैं?