ट्रंप के एक फैसले का असर, जो अब भारतीयों की जेब पर पड़ रहा है भारी! अमेरिका के लिए इंडिया पोस्ट की पार्सल सेवा बंद

Post

अक्सर त्योहारों पर, जन्मदिन पर या किसी खास मौके पर हम अमेरिका में बसे अपने परिवार और दोस्तों को इंडिया पोस्ट (डाकघर) के जरिए प्यार से कोई तोहफा या जरूरी सामान भेजते रहते हैं। यह सस्ता भी पड़ता है और भरोसेमंद भी है। लेकिन अगर आप भी हाल-फिलहाल में ऐसा कुछ करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बुरी और चौंकाने वाली खबर है।

इंडिया पोस्ट ने अमेरिका के लिए अपनी स्पीड पोस्ट और पार्सल सहित सभी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को अनिश्चित काल के लिए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। अब आप डाकघर के जरिए अमेरिका में कोई भी सामान नहीं भेज पाएंगे।

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे की वजह अमेरिका का एक बहुत ही सख्त नियम है, जिसके तार डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से जुड़े हैं।

तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि इंडिया पोस्ट को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा?

मामला जुड़ा है अमेरिका के बदले हुए सीमा शुल्क (Customs) नियमों से। अमेरिका ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब हर पार्सल, चाहे वो कितना भी छोटा या सस्ता क्यों न हो, उसकी पूरी जानकारी (जैसे भेजने वाले का नाम-पता, पाने वाले का नाम-पता, सामान का प्रकार, उसकी कीमत आदि) डिजिटल रूप में एडवांस में अमेरिकी कस्टम विभाग को देनी होगी।

यह नियम असल में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान बनाए गए कड़े टैरिफ और सुरक्षा नियमों का ही एक हिस्सा है। इसका मकसद अमेरिका में आने वाले हर सामान पर नजर रखना और उससे जुड़ी पूरी जानकारी पहले से ही हासिल करना है।

इंडिया पोस्ट क्यों हो गया इस नियम में फेल?

समस्या यह है कि इंडिया पोस्ट का मौजूदा IT और टेक्नोलॉजिकल सिस्टम इस नए तरह के एडवांस डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजने के लिए तैयार नहीं है। अब तक, छोटे और कम कीमत वाले पार्सल के लिए इतनी सख्त डेटा की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब अमेरिका ने इसे हर एक पैकेट के लिए अनिवार्य कर दिया है।

इस टेक्नोलॉजिकल गैप के कारण, अमेरिकी कस्टम विभाग भारतीय डाक से आने वाले पार्सल को स्वीकार नहीं कर रहा है। इसी के चलते, इंडिया पोस्ट के पास अमेरिका के लिए अपनी सेवाएं पूरी तरह से बंद करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा।

आम आदमी और छोटे व्यापारियों पर सबसे बड़ी मार

इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन हजारों छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा जो हैंडीक्राफ्ट, कपड़े और दूसरा सामान डाकघर के जरिए कम लागत में अमेरिका भेजते थे। इसके अलावा, उन आम लोगों की जेब पर भी सीधा असर पड़ेगा जो अपने बच्चों और रिश्तेदारों को राखी, दिवाली के तोहफे या घर का बना सामान भेजते थे। अब उन्हें DHL या FedEx जैसी बहुत महंगी प्राइवेट कूरियर सेवाओं का सहारा लेना पड़ेगा, जिनका खर्च इंडिया पोस्ट के मुकाबले कई गुना ज्यादा है।

इंडिया पोस्ट ने कहा है कि वह अपने सिस्टम को अपग्रेड करने पर काम कर रहा है, लेकिन इसमें कितना समय लगेगा, यह अभी तक साफ नहीं है। जब तक यह सिस्टम अपग्रेड नहीं हो जाता, तब तक के लिए अमेरिका पार्सल भेजने का यह सस्ता और आसान रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।