किसानों के चेहरे खिले! दिवाली से पहले सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, गेहूं का सरकारी रेट बढ़कर हुआ ₹2400
त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और रबी की फसल की बुवाई की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस दोहरी खुशी के बीच, केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों अन्नदाताओं को एक और बड़ी वजह दी है मुस्कुराने की। सरकार ने गेहूं समेत कई रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब आपकी मेहनत का आपको और भी अच्छा दाम मिलेगा।
अब कितनी बढ़कर मिलेगी कीमत?
किसानों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि गेहूं के सरकारी रेट में ₹152 प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोतरी की गई है।
- पिछले साल गेहूं का MSP ₹2,275 प्रति क्विंटल था।
- अब ₹152 की बढ़ोतरी के बाद, इस साल आपको अपनी गेहूं की फसल का कम से कम ₹2,400 प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह किसान-हितैषी फैसला लिया गया।
MSP क्या है और क्यों है यह इतना जरूरी?
MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य, वह गारंटीड रेट होता है जिस पर सरकार आपकी फसल को खरीदती है। यह एक तरह से किसानों के लिए ‘सेफ्टी नेट’ का काम करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में भाव गिरने पर भी उन्हें अपनी मेहनत का एक तय दाम जरूर मिले।
सिर्फ गेहूं ही नहीं, इन फसलों का भी बढ़ा रेट
सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि रबी की दूसरी फसलों का भी समर्थन मूल्य बढ़ाया है, ताकि किसानों को हर फसल में फायदा हो:
- जौ: ₹125 की बढ़ोतरी
- चना: ₹100 की बढ़ोतरी
- मसूर: ₹105 की बढ़ोतरी
- सरसों: ₹150 की बढ़ोतरी
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान अपनी अगली फसल की बुवाई के लिए बीज और खाद का इंतजाम कर रहा है। MSP में इस बढ़ोतरी से किसानों का हौसला बढ़ेगा और वे ज्यादा उत्साह के साथ बुवाई कर पाएंगे, जिससे उनकी आमदनी में सीधा इजाफा होगा। यह सरकार की तरफ से किसानों के लिए एक बड़ा त्योहारी तोहफा है।