गुजरात में पलट रहा है खेल? कांग्रेस को पीछे छोड़ नंबर 2 बनी झाड़ू, बीजेपी के गढ़ में AAP की बड़ी सेंध
News India Live, Digital Desk: पिछले करीब तीन दशकों से वहां भारतीय जनता पार्टी का एकछत्र राज है और कांग्रेस ही मुख्य विपक्षी दल रही है। लेकिन, अब यह तस्वीर बदलती दिख रही है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party - AAP) ने गुजरात की सियासी जमीन पर अपनी पकड़ इतनी मजबूत कर ली है कि अब वो आधिकारिक तौर पर नंबर 2 की पोजीशन की दावेदार बन गई है।
ग्राफ कैसे बढ़ा?
अगर आपको याद हो, तो 2022 के विधानसभा चुनावों में ही AAP ने 5 सीटें जीतकर और करीब 13% वोट शेयर लेकर सबको चौंका दिया था। लोगों को लगा था कि यह सिर्फ हवा है। लेकिन हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों और पंचायतों में पार्टी की परफॉरमेंस ने यह साबित कर दिया है कि उनकी जड़ें जम रही हैं।
खबरों के मुताबिक, कई क्षेत्रों में अब AAP सीधे बीजेपी को टक्कर दे रही है और कांग्रेस (Congress) तीसरे नंबर पर खिसकती नजर आ रही है। खासकर सौराष्ट्र और सूरत जैसे इलाकों में 'झाड़ू' का जादू चल रहा है।
जनता का मूड क्या है?
दरअसल, गुजरात की जनता का एक बड़ा वर्ग अब 'बदलाव' की तलाश में है। कांग्रेस का संगठन वहां कमजोर पड़ता दिख रहा है, और इसी खालीपन (Vacuum) को भरने का काम आम आदमी पार्टी कर रही है।
- मुफ्त बिजली, अच्छे स्कूल और मोहल्ला क्लिनिक के 'दिल्ली मॉडल' की चर्चा वहां के गांवों में हो रही है।
- युवा वोटर जो बीजेपी से कुछ नाराज हैं, वो कांग्रेस की जगह AAP को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
बीजेपी के लिए खतरे की घंटी?
फिलहाल तो बीजेपी बहुत मजबूत है, लेकिन विपक्ष के तौर पर एक नई और आक्रामक पार्टी का उभरना उनके लिए चिंता की बात हो सकती है। कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी अब AAP की तरफ रुख कर रहे हैं।
अगर यही रफ़्तार रही, तो आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव गुजरात में बेहद दिलचस्प होंगे। अब लड़ाई 'द्विपक्षीय' नहीं, बल्कि 'त्रिकोणीय' (Triangular) होने जा रही है। गुजरात की राजनीति करवट ले रही है, और यह बदलाव देखना वाकई रोमांचक होगा!