बिहार के रेल यात्रियों की मौज अब स्पेशल नहीं regular चलेंगी ये ट्रेनें, जेब पर भारी एक्स्ट्रा किराया भी होगा खत्म
News India Live, Digital Desk : बिहार से दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मुजफ्फरपुर, बरौनी और दरभंगा के रास्ते चलने वाली कई 'स्पेशल' ट्रेनों को नियमित (Regular) करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को न केवल कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी, बल्कि उन्हें 'स्पेशल फेयर' के नाम पर दिए जाने वाले अतिरिक्त किराए से भी मुक्ति मिल जाएगी। अब ये ट्रेनें सामान्य नंबर और सामान्य किराए के साथ पटरी पर दौड़ेंगी।
किराए में बड़ी कटौती: यात्रियों की जेब को मिलेगी राहत
अब तक रेलवे त्योहारी सीजन या भीड़ कम करने के लिए जो स्पेशल ट्रेनें चलाता था, उनका किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में 10% से 30% तक अधिक होता था। लेकिन अब बरौनी-नई दिल्ली और दरभंगा-नई दिल्ली जैसी प्रमुख ट्रेनों को नियमित सेवा में तब्दील कर दिया गया है। इससे सबसे बड़ा फायदा उन आम यात्रियों और मजदूरों को होगा जो रोजी-रोटी के लिए दिल्ली-एनसीआर जाते हैं। अब उन्हें सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के सामान्य स्लैब के अनुसार ही टिकट की कीमत चुकानी होगी।
60 दिन पहले रिजर्वेशन की सुविधा: यात्रा प्लानिंग होगी आसान
स्पेशल ट्रेनों के साथ एक बड़ी समस्या यह थी कि उनकी समय सारणी और बुकिंग विंडो अक्सर आखिरी समय पर खुलती थी। अब नियमित होने के बाद, इन ट्रेनों में यात्री 60 से 120 दिन पहले (एडवांस रिजर्वेशन पीरियड) अपनी सीटों की बुकिंग करा सकेंगे। मुजफ्फरपुर जंक्शन से गुजरने वाली कई जोड़ी ट्रेनों के नियमित होने से वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी सुधार आने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन ट्रेनों का परिचालन अब साल भर जारी रहेगा, जिससे यात्रियों को हर बार नई घोषणा का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
समर स्पेशल ट्रेनों का भी मिला तोहफा
नियमितीकरण के साथ-साथ, गर्मी की छुट्टियों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बिहार के लिए 8 जोड़ी नई 'समर स्पेशल' ट्रेनों को भी मंजूरी दी है। ये ट्रेनें आनंद विहार से जोगबनी, सहरसा से यशवंतपुर और दिल्ली से सुपौल जैसे रूटों पर चलेंगी। हालांकि, ये समर स्पेशल ट्रेनें फिलहाल सीमित समय के लिए होंगी, लेकिन प्रमुख रूटों की ट्रेनों को परमानेंट किए जाने से बिहार के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिली है। आने वाले दिनों में कुछ और रूटों पर भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।