सेहत का दुश्मन तो आपके किचन में ही छिपा है! क्या आप भी कर रहे हैं इन 6 'एक्सपायर' बर्तनों का इस्तेमाल?

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नई दिल्ली: हम अपनी सेहत को लेकर कितने सजग हो गए हैं, है न? ऑर्गेनिक सब्जियां खाते हैं, ताजे फल लाते हैं और साफ-सुथरे तेल-मसालों का इस्तेमाल करते हैं. हम इस बात पर तो पूरा ध्यान देते हैं कि हम 'क्या' खा रहे हैं, लेकिन क्या हम कभी यह सोचते हैं कि हम 'किसमें' खा रहे हैं?

आपको यह सुनकर शायद हैरानी होगी, लेकिन जिन बर्तनों में हम रोज खाना पकाते और खाते हैं, उनकी भी एक 'एक्सपायरी डेट' होती है. समय के साथ ये बर्तन खराब होने लगते हैं और फायदे की जगह हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं. यह एक ऐसा 'खामोश खतरा' है, जो सीधे हमारी रसोई से हमारी प्लेट में आता है.

तो आज ही अपनी रसोई में जाएं और इन 6 चीजों को तुरंत जांचें. अगर ये खराब हो चुके हैं, तो इन्हें बिना सोचे-समझे बाहर फेंक दें, क्योंकि आपके परिवार की सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं.

1. नॉन-स्टिक पैन और कढ़ाई (जिस पर खरोंच लग चुकी है)

यह हमारी रसोई का सबसे आम और सबसे खतरनाक आइटम है.

खतरा क्या है?: जैसे ही आपके नॉन-स्टिक पैन पर एक भी खरोंच लगती है, उसकी काली परत (टेफ्लॉन कोटिंग) उतरने लगती है। यह कोटिंग PFOA जैसे खतरनाक रसायनों से बनी होती है, जो गर्म होने पर खाने में मिलकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।
कब बदलें?: जिस दिन आपको उस पर पहली खरोंच दिखाई दे, उसी दिन उसका इस्तेमाल बंद कर दें।

2. पुराने प्लास्टिक के बर्तन और बर्तन

हम सभी सालों से प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं।

खतरा क्या है?: समय के साथ प्लास्टिक सख्त हो जाता है, उस पर खरोंच लग जाती है या वह पीला पड़ जाता है। जब भी आप ऐसे बर्तन में गर्म खाना रखते हैं, तो उसकी खरोंचों से माइक्रोप्लास्टिक और हानिकारक रसायन (BPA) निकलकर खाने में घुल जाते हैं, जिससे हार्मोनल असंतुलन और अन्य बीमारियाँ हो सकती हैं।
कब बदलें: जैसे ही प्लास्टिक का रंग बदल जाए या उस पर खरोंच आ जाए, उसे तुरंत हटा दें।

3. लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड और बेलन (दरारें वाले)

लकड़ी के बर्तन सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन तभी जब वे अच्छी स्थिति में हों।

खतरा क्या है?: जब चॉपिंग बोर्ड या बेलन में गहरे कट या दरारें पड़ जाती हैं, तो उनमें नमी और खाने के कण फँस जाते हैं। बैक्टीरिया पनपने के लिए यही सबसे अच्छी जगह होती है। आप चाहे कितनी भी सफाई कर लें, ये कीटाणु आसानी से नहीं निकलते।

कब बदलें: जैसे ही उसमें गहरी दरारें पड़ जाएँ या वह जगह-जगह काला पड़ने लगे, उसे बदल दें।

4. टूटे हुए कप और प्लेट

अक्सर हम एक सुंदर कप या प्लेट का इस्तेमाल तब भी करते रहते हैं जब वह थोड़ा टूटा हुआ हो।

खतरा क्या है?: टूटी हुई जगह पर बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। इसके अलावा, कई बार सिरेमिक बर्तनों पर चमकदार परत में लेड और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्व होते हैं, जो टूटी हुई जगह से रिसकर आपकी चाय या खाने में मिल सकते हैं।
कब बदलें?: अगर किनारा थोड़ा भी टूटा हो, तो उसे तुरंत फेंक दें।

5. बहुत घिसे हुए स्टील के बर्तन

हाँ, स्टील के बर्तन भी हमेशा के लिए नहीं होते।

खतरा क्या है?: जब स्टील का बर्तन बहुत पुराना हो जाता है या सफाई के दौरान ज़्यादा रगड़ने से उस पर गहरी खरोंचें पड़ जाती हैं, तो घटिया स्टील आपके खाने में निकल और क्रोमियम जैसी धातुएँ छोड़ सकता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं हैं।
कब बदलें?: जब बर्तन अंदर से बहुत खुरदुरा और घिसा हुआ लगने लगे।

6. घिसे हुए लकड़ी या प्लास्टिक के चम्मच/स्पैटुला

कड़ाही में चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ये चम्मच भी खतरनाक हो सकते हैं।

खतरा क्या है?: गरम तवे पर इस्तेमाल करने पर प्लास्टिक का स्पैटुला पिघलने लगता है और उसके कण खाने में मिल जाते हैं। लकड़ी के चम्मचों में दरारें भी पड़ जाती हैं।
कब बदलें?: जैसे ही उसका अगला हिस्सा जल जाए, पिघल जाए या टूटने लगे।

आपकी रसोई आपके परिवार के स्वास्थ्य का मंदिर है। इसे इन 'एक्सपायर्ड' बर्तनों से बचाएँ।