मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की साजिश नाकाम ईरान के निशाने पर था अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य बेस, कतर ने ऐसे बचाया

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News India Live, Digital Desk: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकाने 'अल उदेद एयर बेस' (Al Udeid Air Base) पर एक बड़ा हमला करने की योजना बना रहा था। इस बेहद गोपनीय और घातक प्लान को अंजाम देने से ठीक पहले कतर (Qatar) की मध्यस्थता और खुफिया इनपुट ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।

अल उदेद एयर बेस: क्यों है यह ईरान के निशाने पर?

कतर में स्थित 'अल उदेद' एयर बेस अमेरिका का मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र है। यहाँ से अमेरिकी वायुसेना पूरे क्षेत्र की निगरानी और ऑपरेशन्स को अंजाम देती है। ईरान का मानना है कि इस बेस का इस्तेमाल उसकी जासूसी और घेराबंदी के लिए किया जा रहा है। अगर इस बेस पर हमला होता, तो यह सीधे तौर पर अमेरिका को युद्ध के लिए ललकारने जैसा होता।

कतर ने कैसे खेला 'डबल गेम' और बचाई शांति?

कतर की स्थिति इस पूरे मामले में बहुत दिलचस्प है। एक तरफ वह अमेरिका का करीबी सहयोगी है और अपनी जमीन पर अमेरिकी बेस को जगह देता है, वहीं दूसरी तरफ उसके ईरान के साथ भी अच्छे कूटनीतिक संबंध हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कतर को जैसे ही इस संभावित हमले की भनक लगी, उसने तुरंत बैक-चैनल डिप्लोमेसी का इस्तेमाल किया और दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।

ईरान की मिसाइलें और ड्रोन्स तैयार थे!

इंटेलिजेंस इनपुट बताते हैं कि ईरान ने इस हमले के लिए अपने सबसे आधुनिक ड्रोन्स और लंबी दूरी की मिसाइलों को 'स्टैंडबाय' मोड पर रख दिया था। यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि अमेरिका को इस क्षेत्र से बाहर निकालने की ईरान की बड़ी रणनीति का हिस्सा था।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती खाई

इस घटना के बाद खाड़ी देशों में डर का माहौल है। भले ही कतर ने इस बार स्थिति को संभाल लिया हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह शांति अस्थाई है। ईरान पर लगे प्रतिबंध और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ती रंजिश किसी भी समय इस पूरे इलाके को बारूद के ढेर में बदल सकती है।