शहर थम गया, उड़ानें रुक गईं गुलाबी नगरी पर कोहरे का ऐसा पहरा कि बंद करने पड़े स्कूल
News India Live, Digital Desk: अगर आप आज सुबह जयपुर की सड़कों पर निकले होंगे, तो आपको महसूस हुआ होगा कि शहर जैसे सफेद चादर ओढ़कर सो गया है। राजस्थान में कड़ाके की ठंड ने दस्तक तो काफी पहले दे दी थी, लेकिन आज कोहरे ने जो खेल दिखाया है, उसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक, सबकी चिंता बढ़ा दी है। हालत ऐसी है कि कुछ ही दूरी पर खड़ा इंसान भी धुंधला सा नज़र आ रहा है यानी 'जीरो विजिबिलिटी' का वो दौर जहाँ ड्राइविंग करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं।
थम गई रफ्तार, थम गए पैर
सुबह की पहली किरण के साथ ही कोहरे ने ऐसा जाल बुना कि सांगानेर एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली फ्लाइट्स के पहिए थम गए। कई मुसाफिर घंटों इंतज़ार करते रहे, क्योंकि इस धुंध में सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ नामुमकिन सा हो गया था। सिर्फ फ्लाइट्स ही नहीं, हाईवे और रेलवे ट्रैक का भी बुरा हाल है। ट्रेनें रेंगती हुई चल रही हैं और सड़कों पर लोग गाड़ियों की 'फॉग लाइट्स' और इंडिकेटर के भरोसे धीरे-धीरे आगे बढ़ने को मजबूर हैं।
बच्चों की हुई चांदी, पर चिंता भी बढ़ी
ठंड और कोहरे के इस कड़े रुख को देखते हुए जयपुर कलेक्टर ने बड़ा फैसला लिया है। कई स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है या उनके समय में भारी बदलाव किया गया है। बच्चों के लिए भले ही ये राहत की खबर हो, लेकिन पेरेंट्स के मन में सर्दी से होने वाली बीमारियों और सड़कों के खतरनाक हालात को लेकर फिक्र है।
जयपुर या कश्मीर?
जलमहल हो या नाहरगढ़ की पहाड़ियां, कोहरे की चादर में सब कुछ गायब सा हो गया है। ऐसा लग रहा है मानों हम राजस्थान नहीं, बल्कि कश्मीर की किसी घाटी में हों। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कोहरे का ये सितम और बढ़ने वाला है।
हमारी छोटी सी सलाह
जब कोहरा इतना घना हो, तो घर के अंदर रहना ही सबसे बेहतर है। अगर आपको काम से बाहर निकलना भी पड़ रहा है, तो गाड़ी की रफ़्तार बहुत कम रखें और लगातार हेडलाइट्स जलाकर चलें। सर्दियों का ये मिज़ाज जितना खूबसूरत लगता है, उतनी ही सावधानी की मांग भी करता है।
आप इस कड़ाके की ठंड और कोहरे का सामना कैसे कर रहे हैं? क्या आपके यहाँ भी आज 'छुट्टी' जैसा माहौल है? हमें कमेंट में ज़रूर बताएँ।