लाखों माता-पिता के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! अब बच्चे का आधार कार्ड नहीं, फिर भी मिलेगा बड़े प्राइवेट स्कूल में एडमिशन
“बच्चे का आधार कार्ड नहीं बना है, इसलिए एडमिशन नहीं हो सकता...”गरीब और आम परिवारों को हर साल प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों का एडमिशन कराते समय यह एक लाइन सुनकर निराश लौटना पड़ता था। लेकिन अब यह सब बीती बातें होने वाली हैं!
सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत एक ऐसा बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है, जो लाखों माता-पिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
तो क्या है यह नई व्यवस्था? (Good News!)
अब किसी भी प्राइवेट स्कूल में RTE कोटे के तहत दाखिले के लिए बच्चे का आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं है।
अगर आपके बच्चे का आधार कार्ड किसी भी कारण से नहीं बन पाया है, तो भी आप घबराएं नहीं। अब माता-पिता अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके भी बच्चे के एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन और पूरी प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे।
क्यों उठाया गया यह बड़ा कदम?
सरकार का यह फैसला उन हजारों गरीब परिवारों की मदद के लिए है, जो सिर्फ इस एक कागज की कमी की वजह से अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने के सपने से वंचित रह जाते थे।
अब DM की सीधी नजर में होगी एडमिशन प्रक्रिया
एडमिशन में होने वाली धांधली और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भी सरकार ने इस बार कमर कस ली है।
- अब जिलों में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया सीधे जिलाधिकारी (DM) की निगरानी में होगी।
- DM की अध्यक्षता में बनी कमेटी ही सभी आवेदनों की जांच करेगी और सीटों का बंटवारा करेगी।
- इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिर्फ असली और पात्र बच्चों को ही इस योजना का लाभ मिले।
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
अक्सर ऐसी शिकायतें आती थीं कि एक ही बच्चे का नाम कई-कई स्कूलों में दर्ज करा दिया जाता था। लेकिन अब, क्योंकि माता-पिता का आधार लिंक होगा, इसलिए कोई भी व्यक्ति एक बच्चे का दो जगह रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएगा और सिस्टम पूरी तरह से साफ-सुथरा रहेगा।
कुछ जरूरी बातें जिनका ध्यान रखें
- बच्चे का आधार न होने पर माता-पिता का आधार कार्ड मान्य होगा।
- फॉर्म भरते समय अगर कोई भी दिक्कत आती है, तो आप सीधे जिला शिक्षा अधिकारी या DM ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं।
सरकार का यह कदम सच में काबिले-तारीफ है, क्योंकि अब कोई भी बच्चा सिर्फ एक कागज की कमी की वजह से अच्छी शिक्षा से दूर नहीं रहेगा।