7000 पन्ने, 2100 करोड़ का घोटाला और CM का बेटा! ED की चार्जशीट में लिखी वो बातें जो आपको हैरान कर देंगी
रायपुर: एक कहावत है कि 'कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं'. छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस कहावत को एक बार फिर सच साबित कर दिया है. राज्य के अब तक के सबसे बड़े और सबसे चर्चित 'शराब घोटाले' में ED ने एक ऐसी चार्जशीट दाखिल की है, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में तूफान ला दिया है.
यह कोई मामूली चार्जशीट नहीं, बल्कि 7,039 पन्नों का एक भारी-भरकम 'पुलिंदा' है, जिसके हर पन्ने पर कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के परिवार के लिए मुश्किलों का हिसाब लिखा है. और इस कहानी का मुख्य किरदार बनाया गया है उनके बेटे चैतन्य बघेल को.
क्या है यह पूरा 'शराब कांड'?
कल्पना कीजिए कि राज्य में शराब की हर बोतल की बिक्री पर एक अवैध 'टैक्स' वसूला जा रहा था. ED का आरोप है कि 2018 से 2023 के बीच, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब ठीक यही हुआ.
- कैसे होता था खेल?: एक पूरा सिंडिकेट बनाया गया था, जिसमें बड़े नेता, अधिकारी और शराब कारोबारी शामिल थे. यह सिंडिकेट सरकारी शराब की दुकानों से नकली और बिना हिसाब-किताब वाली शराब बिकवाता था.
- 2100 करोड़ की 'काली कमाई': इस पूरे गोरखधंधे से जो 2100 करोड़ रुपये से ज्यादा की 'काली कमाई' हुई, उसे ऊंचे राजनीतिक पद पर बैठे लोगों के इशारों पर आपस में बांटा गया.
पूर्व CM के बेटे पर ED का सबसे बड़ा आरोप
7,039 पन्नों की इस चार्जशीट में ED ने चैतन्य बघेल को इस पूरे घोटाले का एक बड़ा 'मैनेजर' बताया है. ED के वकील सौरभ पांडे ने अदालत को बताया:
- ₹1000 करोड़ का मैनेजमेंट: एजेंसी का दावा है कि घोटाले से कमाए गए ₹1000 करोड़ से भी ज्यादा के काले धन को सफेद करने और उसे इधर-उधर लगाने का काम चैतन्य बघेल ने ही संभाला था.
- ₹22 करोड़ का पक्का सबूत: ED का कहना है कि उनके पास चैतन्य द्वारा इस्तेमाल किए गए ₹22 करोड़ के 'आपराधिक धन' का तो सीधा और पक्का सबूत है.
- बिजनेस में लगाया पैसा: आरोप है कि चैतन्य ने घोटाले से मिले करोड़ों रुपये का इस्तेमाल अपने रियल एस्टेट बिजनेस में किया.
बता दें कि ED ने चैतन्य बघेल को इसी साल 18 जुलाई को उनके भिलाई वाले घर से गिरफ्तार किया था.
अब आगे क्या?
यह इस मामले में ED की चौथी चार्जशीट है. हर चार्जशीट के साथ इस घोटाले की परतें और खुलती जा रही हैं. एक तरफ जहां भूपेश बघेल इसे राजनीतिक बदला बता रहे हैं, वहीं ED का दावा है कि उनके पास डिजिटल सबूतों समेत हर आरोप को साबित करने के लिए पुख्ता साक्ष्य हैं.
अब सबकी नजरें अदालत पर टिकी हैं कि 2100 करोड़ के इस 'महाघोटाले' की आंच और किन-किन बड़े चेहरों तक पहुंचती हैं.