चरस तस्करी मामले में एक को दस वर्षों का सश्रम कारावास

पूर्वी चंपारण,06मई(हि.स.)। 12वीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एनडीपीएस एक्ट कोर्ट नंबर एक के विशेष न्यायाधीश नूर सुल्ताना ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को दस वर्षों का सश्रम कारावास व दो लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनायी है। अर्थ दंड नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

सजा पश्चिमी चंपारण रामनगर थाना के हरिनगर सिसवानी टोला निवासी गोविंद सहनी को हुई। मामले में पलनवा भेलाही ओपी के तत्कालीन सअनि रामनारायण राम ने भेलाही ओपी थाना कांड संख्या 17/2024 दर्ज कराते हुए गोविंद सहनी को नामजद किया था, जिसमें कहा था कि 3 अप्रैल 2016 की संध्या करीब 4.30 बजे भेलाही ओपी चेक पोस्ट के पास पुलिस बल गश्त लगा रही थी। उसी दौरान चेकिंग से बचने के लिए एक व्यक्ति नेपाल की ओर से पगडंडी पकड़कर आ रहा था। संदेह होने पर उक्त व्यक्ति को रोका गया तथा उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन पॉकेट में रखा 1.600 ग्राम चरस बरामद किया गया।

अभियुक्त के विरुद्ध 3 जनवरी 2017 को आरोप गठन कर न्यायालय ने वाद विचारण की। एनडीपीएस वाद संख्या 22/2016 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डा. शंभू शरण सिंह ने तीन गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 20(बी)ii(सी) एवम 23(सी) एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनायी है।