चीन-पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला तेजस ,क्या आपको पता है भारत के पास ऐसे कितने बाहुबली जेट हैं?
News India Live, Digital Desk: एक वक़्त था जब हम अपनी हवाई सुरक्षा के लिए रूस या फ्रांस की तरफ देखा करते थे। लेकिन आज का भारत बदल चुका है। आज हम सिर्फ़ हथियार खरीद नहीं रहे, बल्कि दुनिया के बेहतरीन फाइटर जेट्स में से एक 'तेजस' (LCA Tejas) बना भी रहे हैं।
जब भी हम गणतंत्र दिवस पर आसमान में इस स्वदेशी विमान को करतब करते देखते हैं, तो दिल गर्व से भर जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इस वक़्त हमारी वायुसेना के पास असल में कितने तेजस विमान हैं और क्यों पूरी दुनिया इसकी दीवानी हो रही है?
आइए, आसान शब्दों में जानते हैं देश के इस 'आसमानी रक्षक' की पूरी कहानी।
भारत के बेड़े में कितने 'तेजस' हैं?
यह सवाल अक्सर रक्षा प्रेमियों के मन में आता है। देखिए, HAL (Hindustan Aeronautics Limited) दिन-रात काम कर रहा है। मौजूदा समय की बात करें, तो भारतीय वायुसेना के पास तेजस की दो स्क्वाड्रन (Flying Daggers और Flying Bullets) ऑपरेशनल हैं।
सरकार ने HAL को 83 तेजस मार्क-1A (Tejas Mk-1A) विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है, जिनकी डिलीवरी शुरू हो चुकी है। ये पुराने वर्जन से कहीं ज्यादा आधुनिक हैं। यानी आने वाले कुछ सालों में भारतीय आसमान में सैकड़ों तेजस दुश्मनों पर नज़र रखते हुए दिखेंगे। ये धीरे-धीरे बूढ़े हो चुके मिग-21 (MiG-21) की जगह ले रहे हैं।
दुनिया क्यों है इसके पीछे पागल?
सिर्फ़ हम ही नहीं, दुनिया के कई देश तेजस को अपनी एयरफोर्स में शामिल करना चाहते हैं। वजह साफ़ है—यह "सस्ता है, टिकाऊ है और खतरनाक है।"
मीडिया रिपोर्ट्स और रक्षा सूत्रों की मानें तो मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र (Egypt) और फिलीपींस जैसे देशों ने इस जेट में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। अमेरिका ने भी हाल ही में इसकी तारीफ की थी। भारत अब हथियार खरीदने वाला नहीं, बल्कि बेचने वाला देश (Defense Exporter) बनने की राह पर है।
आखिर 'तेजस' में ऐसा क्या है? (खूबियां)
इसे 'लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (LCA) कहा जाता है, यानी वजन में हल्का। लेकिन धोखे में मत रहिएगा, इसका काम भारी-भरकम है।
- छोटा निशाना: इसका आकार इतना कॉम्पैक्ट है कि दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते।
- मल्टी-रोल: यह हवा से हवा में मार कर सकता है, ज़मीन पर बम गिरा सकता है और जासूसी भी कर सकता है।
- रफ़्तार: इसकी स्पीड ध्वनि की रफ़्तार से लगभग डेढ़ गुना ज़्यादा है (Mach 1.6)।
- हथियार: इसमें 'अस्त्र' और 'ब्रह्मोस' जैसी मिसाइलें लगाई जा सकती हैं, जो इसे बेहद घातक बनाती हैं।
- स्वदेशी: सबसे बड़ी बात, यह 'मेड इन इंडिया' है। इसका मतलब, जंग के हालात में हमें किसी दूसरे देश के पुर्ज़ों का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, तेजस सिर्फ़ एक मशीन नहीं है, यह भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत का सबूत है। यह बताता है कि अगर भारत ठान ले, तो वो आसमान में भी अपनी बादशाहत कायम कर सकता है।