Tejas Fighter Jet Crash : भारतीय वायुसेना को बड़ा झटका एक और तेजस विमान क्रैश अब तक 3 हुए जमींदोज
News India Live, Digital Desk: भारतीय वायुसेना (IAF) के बेड़े का गौरव कहे जाने वाले स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' (LCA Tejas) से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान भारतीय वायुसेना का एक और तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस घटना ने स्वदेशी फाइटर जेट की सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं पर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।
कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान ने सुबह नियमित उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए आबादी वाले इलाके से विमान को दूर ले जाने की कोशिश की और समय रहते सफलतापूर्वक इजेक्ट (Eject) कर लिया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन विमान पूरी तरह नष्ट हो गया है।
तेजस का 'क्रैश रिकॉर्ड' बना चिंता का विषय
दशकों तक 'एक्सीडेंट-फ्री' (Accident-free) रिकॉर्ड रखने वाले तेजस के लिए यह तीसरा बड़ा झटका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
पहला क्रैश (मार्च 2024): राजस्थान के जैसलमेर में 'भारत शक्ति' अभ्यास के दौरान पहला तेजस क्रैश हुआ था।
ताजा घटना: इस तीसरी दुर्घटना के बाद अब तक कुल 3 तेजस विमान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
जांच के आदेश: वायुसेना ने इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश दे दिए हैं।
क्या स्वदेशी तकनीक पर उठेंगे सवाल?
तेजस को भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह विमान चौथी पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद विशेषज्ञ अब इंजन की परफॉर्मेंस और फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए विमान के परिचालन इतिहास में ऐसी घटनाएं तकनीकी सुधार का हिस्सा होती हैं।
वायुसेना की तैयारियों पर असर?
भारतीय वायुसेना पुराने मिग-21 विमानों को हटाकर तेजस को उनका मुख्य विकल्प बना रही है। ऐसे में विमानों का क्रैश होना वायुसेना के आधुनिकीकरण की गति को प्रभावित कर सकता है। सरकार और HAL के लिए अब चुनौती यह है कि वे इन हादसों के मूल कारण को ढूंढें और पायलटों के भरोसे को फिर से मजबूत करें।