Tech News : बिना आपकी इजाज़त के अब कुछ नहीं दिखेगा, Google Messages में आया सबसे बड़ा सेफ्टी फीचर

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News India Live, Digital Desk: आजकल हम सब मैसेजिंग ऐप्स पर अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा बिताते हैं। दोस्तों-परिवार से बात करने से लेकर ज़रूरी जानकारी भेजने तक, सब कुछ यहीं होता है। लेकिन इस डिजिटल दुनिया का एक डरावना सच यह भी है कि यहाँ हमें कई बार ऐसे अनचाहे मैसेज, फोटो या वीडियो का सामना करना पड़ता है, जिन्हें हम देखना नहीं चाहते।

इसी समस्या को समझते हुए गूगल अपनी मैसेजिंग ऐप Google Messages में एक बहुत ही कमाल का और ज़रूरी फीचर ला रहा है। इस फीचर का नाम है "सेंसिटिव कंटेंट वार्निंग" (Sensitive Content Warning)

यह फीचर आखिर है क्या और काम कैसे करेगा?

इसे बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं।
मान लीजिए, किसी ने आपको Google Messages पर कोई ऐसा वीडियो या फोटो भेजा जिसमें नग्नता (nudity) या कोई आपत्तिजनक चीज़ है। अब तक यह सीधे आपके फ़ोन पर खुल जाता था। लेकिन इस नए फीचर के आने के बाद, गूगल का AI (Artificial Intelligence) अपने आप समझ जाएगा कि यह कंटेंट सेंसिटिव हो सकता है।

AI इसे तुरंत धुंधला (Blur) कर देगा। आपको वह फोटो या वीडियो साफ-साफ नहीं दिखेगा, बल्कि उसके ऊपर एक चेतावनी (Warning) लिखी होगी, जैसे - "इस कंटेंट में कुछ सेंसिटिव हो सकता है।"

अब फैसला आपके हाथ में होगा:

  • अगर आप उसे देखना चाहते हैं, तो आप "View" बटन पर टैप करके उसे देख सकते हैं।
  • और अगर आप उसे नहीं देखना चाहते, तो आप उसे बिना देखे ही डिलीट या रिपोर्ट कर सकते हैं।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंट्रोल पूरी तरह से आपके पास रहेगा। कोई भी आपको आपकी मर्ज़ी के बिना कुछ भी आपत्तिजनक नहीं दिखा पाएगा।

क्या गूगल आपकी पर्सनल तस्वीरें देख रहा है?

यह सवाल आपके मन में ज़रूर आया होगा। गूगल ने साफ किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया आपके डिवाइस पर ही (on-device) होती है। इसका मतलब है कि गूगल के सर्वर पर आपकी कोई फोटो या वीडियो नहीं जाती। आपका पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित और प्राइवेट रहता है।

यह फीचर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे दूसरे ऐप्स में पहले से ही मौजूद है और अब गूगल मैसेजेज़ में इसका आना एक बहुत अच्छा कदम है। फिलहाल यह फीचर बीटा वर्जन में कुछ यूज़र्स को मिलना शुरू हो गया है और जल्द ही यह सभी एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। यह डिजिटल दुनिया को थोड़ा और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा और स्वागत योग्य कदम है।