बिहार में निवेश को लेकर नीतीश सरकार का बड़ा एक्शन 1426 करोड़ के 48 निवेश प्रस्ताव रद्द

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News India Live, Digital Desk: बिहार में उद्योग और विकास को रफ्तार देने की कोशिशों के बीच नीतीश सरकार ने एक कड़ा फैसला लिया है। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) की हालिया समीक्षा बैठक के बाद, सरकार ने ₹1426 करोड़ के कुल 48 निवेश प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।

11 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी प्रस्ताव स्टेज-1 क्लीयरेंस के दौरान ही मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते उद्योग विभाग ने इन्हें "लाल झंडी" दिखा दी है।

क्यों रद्द हुए ये भारी-भरकम प्रस्ताव? (Key Reasons)

उद्योग विभाग की जांच में इन प्रस्तावों के खारिज होने के पीछे तीन मुख्य कारण सामने आए हैं:

अपूर्ण जानकारी (Information Gap): सबसे ज्यादा 42 प्रस्ताव ऐसे थे, जिन्होंने सरकार द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद जरूरी तकनीकी और वित्तीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के कारण इन्हें तत्काल रद्द कर दिया गया।

अर्हता पूरी न करना (Criteria Fail): दो निवेशक बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के निर्धारित मापदंडों को पूरा करने में विफल रहे।

स्वैच्छिक निकासी (Voluntary Withdrawal): चार निवेशकों ने अपनी परियोजनाओं को आगे न ले जाने का निर्णय लेते हुए खुद ही अपने प्रस्ताव वापस लेने का अनुरोध किया।

सेक्टर-वाइज डेटा: किस क्षेत्र को कितना 'झटका'?

रद्द किए गए ₹1426 करोड़ के निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ा हिस्सा खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) का था। नीचे इसका पूरा विवरण दिया गया है:

सेक्टर (Sector)प्रस्तावों की संख्याराशि (करोड़ रुपये में)
खाद्य प्रसंस्करण27₹1241
अपारंपरिक ऊर्जा02₹49
प्लास्टिक व रबर07₹33
मैन्यूफैक्चरिंग05₹30
हेल्थकेयर03₹26
लकड़ी व अन्य02₹7.05

उद्योग मंत्री का कड़ा संदेश: "सिर्फ गंभीर निवेशकों की जरूरत"

बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार केवल उन्हीं प्रस्तावों को तवज्जो देगी जो राज्य के औद्योगिक विकास के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने कहा:

जो उद्यमी निवेश प्रस्ताव देकर "भूल गए" हैं, उनकी फाइलों की गहन जांच जारी रहेगी।

पात्र और सक्रिय निवेशकों को सरकार हर संभव सुविधा और सब्सिडी देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऐसे "निष्क्रिय" प्रस्तावों को हटाकर विभाग वास्तविक निवेश के आंकड़ों को पारदर्शी बनाना चाहता है।