Team India : कप्तान मैं नहीं, पर खेलूंगा ज़रूर, रोहित ने बताया कप्तानी जाने के बाद किसने दिया उनका साथ

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News India Live, Digital Desk: टीम इंडिया में जब से कप्तानी का बदलाव हुआ है, तब से ही माहौल में एक अजीब सी खामोशी थी। रोहित शर्मा को वनडे की कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को नया कप्तान बना दिया गया। हर कोई यह जानना चाहता था कि 'हिटमैन' इस पर क्या सोच रहे हैं। अब, आखिरकार रोहित ने इस फैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और एक ऐसा बयान दिया है जिससे पता चलता है कि उनके दिल में क्या चल रहा है।

गंभीर का नाम नहीं, द्रविड़ का लिया सहारा

जब रोहित शर्मा से भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेलने की अपनी इच्छा ज़ाहिर की। लेकिन इसके पीछे की वजह उन्होंने नए कोच गौतम गंभीर को नहीं, बल्कि पूर्व कोच राहुल द्रविड़ को बताया।

रोहित ने खुलासा किया, "ईमानदारी से कहूं तो, राहुल (द्रविड़) भाई ने मुझसे बैठकर बात की। उन्होंने मुझसे कहा कि टीम को चैंपियंस ट्रॉफी में आपके अनुभव की बहुत ज़रूरत पड़ेगी।"

यह बयान अपने आप में बहुत कुछ कहता है। कप्तानी से हटाए जाने के बाद, यह राहुल द्रविड़ ही थे जिन्होंने रोहित को टीम के लिए खेलना जारी रखने के लिए मनाया। रोहित ने बताया कि द्रविड़ ने उन्हें समझाया कि उनका टीम में रहना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर जब टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं।

"मैं चुप बैठने वाला नहीं हूँ"

रोहित शर्मा ने यह भी साफ कर दिया कि वो सिर्फ टीम का हिस्सा बनकर चुपचाप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं कोई ऐसा इंसान नहीं हूँ जो बस चुपचाप बैठा रहे। मैं चुप बैठने वालों में से नहीं हूँ और मुझे लगता है कि टीम को भी मेरी ज़रूरत है।"

उनका यह बयान दिखाता है कि कप्तानी जाने का दर्द तो है, लेकिन उनके अंदर का खिलाड़ी अभी भी ज़िंदा है और लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए कड़ी तैयारी कर रहे हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जहाँ पूरी दुनिया टीम इंडिया में 'गौतम गंभीर युग' की बात कर रही है, वहीं रोहित शर्मा ने अपने सबसे मुश्किल समय में सहारा देने का श्रेय राहुल द्रविड़ को दिया है। यह कहानी बताती है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर खिलाड़ियों के बीच रिश्ते कितने गहरे होते हैं, जो बाहर की दुनिया की चकाचौंध से कहीं ज़्यादा मायने रखते हैं।