Tax Department UP : लखनऊ के कारोबारियों ने 7 नकली कंपनियां बनाकर सरकार को लगा दिया 21 करोड़ का चूना
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जीएसटी चोरी का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे. यहां दो शातिर कारोबारियों ने कागजों पर 7 फर्जी कंपनियां बनाईं और बिना कोई असली माल खरीदे या बेचे, सरकार को 21 करोड़ रुपये से ज़्यादा का चूना लगा दिया. यह जीएसटी फ्रॉड का अब तक का सबसे बड़ा और शातिर खेल माना जा रहा है.
कैसे दिया इस 'फर्जीवाड़े' को अंजाम?
इस पूरे घोटाले का ताना-बाना इतने शातिर तरीके से बुना गया था कि शुरुआती जांच में इसे पकड़ना लगभग नामुमकिन था. इन कारोबारियों ने मिलकर:
- बनाईं 7 नकली कंपनियां: सबसे पहले, उन्होंने अलग-अलग नामों से 7 कंपनियां रजिस्टर कराईं. ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर थीं, ज़मीन पर इनका कोई अस्तित्व नहीं था.
- काटे फर्जी बिल (Invoices): इसके बाद एक फर्जी कंपनी से दूसरी फर्जी कंपनी के नाम पर माल खरीदने और बेचने के झूठे बिल काटे गए. असल में कोई माल इधर से उधर नहीं होता था, सिर्फ बिल एक कंपनी से दूसरी कंपनी को भेजे जाते थे.
- हड़प लिया इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): जीएसटी सिस्टम में, जब कोई व्यापारी माल खरीदता है तो वह उस पर दिए गए टैक्स (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को, माल बेचते समय मिलने वाले टैक्स से एडजस्ट कर सकता है. इन शातिर कारोबारियों ने इन्हीं फर्जी बिलों के आधार पर सरकार से 21.08 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर लिया, जबकि उन्होंने असल में कोई टैक्स चुकाया ही नहीं था क्योंकि कोई खरीद-बिक्री तो हुई ही नहीं थी.
कैसे खुला यह करोड़ों का राज़?
यह मामला तब सामने आया जब जीएसटी विभाग के अधिकारी रूटीन जांच कर रहे थे. जब उन्होंने इन कंपनियों के पते पर जाकर जांच की, तो वहां कोई ऑफिस या गोदाम मिला ही नहीं. पते फर्जी निकले और जांच की परतें खुलती चली गईं. वाणिज्य कर विभाग की राज्य जीएसटी टीम अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इन कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है.
यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग देश के टैक्स सिस्टम में सेंध लगाकर सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे हैं.