Delhi Police : स्वामी चैतन्यांनद सरस्वती पर संगीन आरोप ,उत्पीड़न मामले में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
News India Live, Digital Desk: देशभर में धर्म और आध्यात्म के नाम पर चल रही कुछ गतिविधियों पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। 'देवगुरु चैतन्यांनद सरस्वती' नामक एक स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु इन दिनों गंभीर आरोपों से घिर गए हैं। उनकी एक पूर्व साधिका ने उन पर शारीरिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, और इस मामले में जो चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, वे सुनकर सभी हैरान हैं।
साधिका ने दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में स्वामी चैतन्यांनद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। उसका कहना है कि जब वो 21 साल की थी, तब साल 2004 से 2011 के बीच चैतन्यांनद ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। कोर्ट के समक्ष दिए बयान में उसने बताया कि यौन उत्पीड़न के दौरान जब वो चिल्लाई तो चैतन्यांनद ने उसे डाँटा। इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि चैतन्यांनद ने साधिका से कंडोम के इस्तेमाल के बारे में सवाल किए, और उसे ऐसे काम करने के लिए मजबूर किया जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकती थी। साधिका ने अपने बयानों में "संवैधानिक मर्यादा से परे" के कृत्यों का भी जिक्र किया।
आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए चैतन्यांनद ने अपनी राजनीतिक रसूख का भी इस्तेमाल किया, जिससे पीड़ितों के लिए न्याय की राह और मुश्किल हो गई। उन्होंने कथित तौर पर साधिका पर दबाव डाला कि वह मामले को पुलिस तक न जाने दे, जिसके लिए कई लोगों ने साधिका पर झूठे आरोप लगाकर उसे धमकाया। मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की, और अब इस पर कानूनी लड़ाई जारी है। इस मामले ने एक बार फिर आध्यात्मिक संस्थानों में विश्वास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।