सुपरस्टार सलमान और पुराना कानूनी पचड़ा, कोर्ट में अनुपस्थिति पर वकीलों ने कर दी गिरफ्तारी की मांग

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News India Live, Digital Desk : जोधपुर की कोर्ट में लंबे समय से चल रहे काले हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े अन्य विवादों को लेकर हाल ही में सुनवाई होनी थी। नियम के मुताबिक सलमान खान को अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी थी या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना था। लेकिन जब भाईजान वहां नज़र नहीं आए, तो दूसरी तरफ से पैरवी कर रहे वकीलों ने मोर्चा खोल दिया।

क्या है अरेस्ट वारंट की मांग का मामला?
कोर्ट में मौजूद वकीलों और विरोधियों का तर्क है कि कानून सबके लिए बराबर है। सलमान खान का बार-बार कोर्ट की सुनवाई में न आना अदालत के समय की बर्बादी है। इसी बात को आधार बनाकर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की पुरजोर मांग की गई। अब गेंद पूरी तरह से जज के पाले में है वो या तो सलमान को एक और मौका दे सकते हैं या फिर सख्त रुख अपना सकते हैं।

सुरक्षा का हवाला और कानूनी दांव-पेंच
सलमान खान के वकीलों का कहना है कि सुपरस्टार को मिल रही धमकियों की वजह से सुरक्षा कारणों के चलते उनका शारीरिक रूप से पेश होना कई बार मुश्किल हो जाता है। आप सभी जानते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों के बाद सलमान खान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके लिए जोधपुर जाना फिलहाल एक बड़ा 'रिस्क' माना जा रहा है।

क्या बढ़ेगी मुश्किल?
यदि कोर्ट गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग को स्वीकार कर लेता है, तो सलमान खान को बेल (जमानत) को लेकर दोबारा कानूनी चक्कर काटने पड़ सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसे बड़े सेलेब्रिटी मामलों में वकील निजी पेशी से छूट की अर्जी देते रहते हैं, लेकिन बार-बार अनुपस्थिति कोर्ट को नाराज कर सकती है।

फैन्स की बढ़ी धड़कनें
सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से फ़ैल रही है। सलमान के फैन्स चिंतित हैं कि आखिर भाईजान का ये पीछा कब छूटेगा। कुछ का कहना है कि उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है, तो कुछ का मानना है कि उन्हें कानून का सम्मान करते हुए पेश होना चाहिए।

वैसे, जोधपुर का ये मामला 1998 का है, लेकिन इसकी रफ़्तार आज भी वही है। देखना होगा कि सलमान खान की टीम अब अगली सुनवाई में खुद को कैसे डिफेंड करती है।

आप क्या सोचते हैं? क्या सुरक्षा कारणों को देखते हुए सलमान खान को निजी पेशी से परमानेंट छूट मिलनी चाहिए, या उन्हें खुद कोर्ट में हाजिर होकर अपनी बात रखनी चाहिए? कमेंट्स में अपनी राय जरूर दें!