1 जनवरी से बदल जाएंगे राशन कार्ड और गैस सिलेंडर के नियम, सरकार ने किए 4 बड़े ऐलान, करोड़ों लोगों पर होगा सीधा असर

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नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार आम आदमी की रसोई और जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। 1 जनवरी, 2026 से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर को लेकर चार नए और सख्त नियम लागू हो जाएंगे, जिनका सीधा असर देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर पड़ेगा।

सरकार का मकसद इन बदलावों के जरिए सिस्टम में पारदर्शिता लाना, फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल सही और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। अगर आप भी मुफ्त राशन या सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर का लाभ ले रहे हैं, तो इन नए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपका नाम लाभार्थी सूची से कट सकता है।

1. बिना e-KYC के नहीं मिलेगा राशन, कार्ड होगा रद्द
सरकार का सबसे पहला और बड़ा नियम राशन कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) से जुड़ा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन परिवारों ने अपने सभी सदस्यों का आधार वेरिफिकेशन राशन की दुकान पर जाकर पूरा नहीं कराया है, उनके राशन कार्ड 1 जनवरी 2026 से रद्द कर दिए जाएंगे। परिवार के हर सदस्य को राशन की दुकान पर लगी PoS मशीन पर अंगूठा लगाकर अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। यह नियम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि राशन केवल जीवित और पात्र व्यक्तियों को ही मिले। यदि परिवार का कोई सदस्य दूसरे शहर में रहता है, तो वह 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत किसी भी नजदीकी सरकारी दुकान पर जाकर अपनी केवाईसी पूरी कर सकता है।

2. अपात्रों पर गिरेगी गाज, होगी वसूली
सरकार ने अब राशन कार्ड के लिए पात्रता के मानदंडों को और भी सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत उन सभी लोगों के कार्ड निरस्त किए जाएंगे जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद BPL या अन्य गरीब श्रेणी के राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं। यदि किसी परिवार के पास चार पहिया वाहन, सरकारी नौकरी, 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है, या कोई सदस्य आयकर भरता है, तो वे अपात्र माने जाएंगे। सरकार डिजिटल डेटाबेस के जरिए ऐसे लोगों की पहचान कर रही है। यदि कोई व्यक्ति खुद अपना कार्ड सरेंडर नहीं करता है और जांच में पकड़ा जाता है, तो उससे अब तक लिए गए पूरे राशन की वसूली बाजार दर पर की जाएगी।

3. गैस सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक जरूरी
गैस सिलेंडर पर सब्सिडी पाने के लिए भी अब e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है। 1 जनवरी, 2026 से उन सभी उपभोक्ताओं की सब्सिडी रोक दी जाएगी, जिन्होंने अपनी गैस एजेंसी पर जाकर अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अपडेट नहीं कराया है। यह नियम विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए डिलीवरी के समय ओटीपी-आधारित वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य किया जा सकता है, जिसके तहत डिलीवरी बॉय को आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया ओटीपी बताना होगा।

4. अब घर बैठे बनेगा नया राशन कार्ड
जहां सरकार एक तरफ नियमों को सख्त कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रक्रियाओं को आसान भी बना रही है। 1 जनवरी, 2026 से नए राशन कार्ड बनवाने या उसमें नाम जुड़वाने, पता बदलवाने जैसी प्रक्रियाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। अब आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकेंगे, जिससे बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और काम तेजी से होगा।

नए साल पर मिल सकती है राहत
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का फायदा आम आदमी को मिलेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि 1 जनवरी, 2026 को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 30 से 50 रुपये तक की कटौती हो सकती है।