बदमाशों का ऐसा दुस्साहस चित्तौड़गढ़ में साइबर सेल के डीएसपी को ही उठा ले गए, मांगी करोड़ों की फिरौती?
News India Live, Digital Desk : आपने फिल्मों में देखा होगा कि शातिर गुंडे कैसे पुलिस को चकमा देकर बड़े-बड़े अपराध करते हैं। लेकिन चित्तौड़गढ़ में जो हुआ, वो किसी भी थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कहीं ज्यादा खौफनाक था। यहाँ किसी आम नागरिक का नहीं, बल्कि पुलिस की साइबर सेल के डीएसपी, अमित चौधरी का अपहरण कर लिया गया। वह भी तब, जब वह अपनी ड्यूटी के इर्द-गिर्द कहीं तैनात थे।
किडनैपिंग की पूरी कहानी:
ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएसपी अमित चौधरी अपनी गाड़ी से कहीं जा रहे थे या मौजूद थे, तभी अचानक से स्कॉर्पियो सवार कुछ बदमाशों ने उनकी राह रोक ली। हथियारों के बल पर बदमाशों ने उन्हें डराया-धमकाया और उन्हीं की गाड़ी के साथ उन्हें बंधक बना लिया। बदमाशों ने महज़ डराया ही नहीं, बल्कि एक बहुत मोटी रकम (फिरौती) की मांग भी कर डाली। सोचिए, एक अधिकारी जो साइबर ठगों को पकड़ने का काम करता है, आज वही खुद अपराधियों के चंगुल में फंस गया था।
हड़कंप और पुलिस का एक्शन:
जैसे ही वायरलेस पर डीएसपी की लोकेशन मिलने में दिक्कत आई और किडनैपिंग की सूचना हेडक्वार्टर पहुंची, चित्तौड़गढ़ से लेकर जयपुर तक हड़कंप मच गया। राजस्थान पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू की और अलग-अलग टीमों को अलर्ट पर डाल दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस की कड़ाई और तेज़ घेराबंदी को देखकर बदमाशों के पसीने छूट गए। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने अंत में डीएसपी को सुरक्षित छोड़ दिया और वहाँ से भाग निकले।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अपराधियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है? साइबर सेल का काम डेटा खंगालना और अपराधियों को ट्रैक करना होता है, ऐसे में विभाग के मुखिया को टारगेट करना एक सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा करता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि बहुत जल्द ये गुंडे सलाखों के पीछे होंगे।
डीएसपी अमित चौधरी अब सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर एक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो सिस्टम को फिर से सोचने की ज़रूरत है। अब देखना यह है कि राजस्थान सरकार और पुलिस विभाग इन बदमाशों को क्या सबक सिखाते हैं।