Strange claim related to viral Labubhoo doll: क्या सच में है भुतहा अर्चना गौतम के खुलासे से मची खलबली
News India Live, Digital Desk: Strange claim related to viral Labubhoo doll: हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक खास खिलौना गुड़िया, 'लाबूभू' डॉल ने अपनी अजीबोगरीब दावों की वजह से तहलका मचा रखा है। यह डॉल न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसी कड़ी में, बिग बॉस 16 फेम अभिनेत्री अर्चना गौतम ने भी इस डॉल को खरीदा, और फिर जो उनके साथ हुआ, वह किसी को भी चौंका सकता है। खुद अर्चना गौतम ने इस डॉल को 'भूतिया' या 'अशुभ' बताया है, जिसके बाद से यह चर्चा और भी बढ़ गई है कि क्या इस खूबसूरत दिखने वाली गुड़िया में सचमुच कोई प्रेत आत्मा है?
दरअसल, अर्चना गौतम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने लाबूभू डॉल को दिखाते हुए दावा किया कि जब से यह उनके घर आई है, उनके साथ अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं। उन्हें महसूस होता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति उनके इर्द-गिर्द घूम रही है। वीडियो में उन्होंने डर का इजहार करते हुए यहां तक कहा कि यह गुड़िया 'मनहूस' है और इसे खरीदना उनकी एक बड़ी गलती थी। उन्होंने बताया कि रात के समय उन्हें कमरे में अजीब आवाज़ें सुनाई देती हैं, और जब वे अकेले होती हैं तो अजीब से साये दिखाई देते हैं। इन्हीं सब कारणों से अर्चना ने इसे भुतहा डॉल कहा है।
यह अजीब दावा तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ऐसे भी हैं, जो अर्चना के इन दावों से खुद को जोड़ पा रहे हैं और अपनी लाबूभू डॉल से जुड़े ऐसे ही अनुभव साझा कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ने गुड़िया में नकारात्मक ऊर्जा होने या उसमें आत्मा होने तक की बात कही है। यह घटना ने एक खिलौने को सिर्फ एक वस्तु से बढ़कर एक रहस्यमय विषय में बदल दिया है।
हालांकि, इन दावों को लेकर कई लोगों के मन में संशय है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे केवल अंधविश्वास और मन का वहम बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे गुड़िया के पॉपुलर होने के बाद लोगों में फैल रही दहशत का परिणाम मान रहे हैं। गुड़िया बेचने वाली कंपनियाँ और निर्माता साफ करते हैं कि लाबूभू डॉल केवल एक खिलौना है, और इसमें कोई भी भूतिया तत्व नहीं है। बेशक लाबूभू डॉल की लोकप्रियता अपने चरम पर है, लेकिन इस गुड़िया के इर्द-गिर्द घूमती भुतहा कहानियों ने इसे और भी दिलचस्प बना दिया है। यह मानना या न मानना कि यह डॉल वास्तव में भुतहा है या सिर्फ एक मिथक, यह पूरी तरह से व्यक्तिगत विश्वास पर निर्भर करता है।