क्रिकेट जगत में हड़कंप क्या पाकिस्तान करेगा T20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार? लाहौर मीटिंग में PCB ने रख दी बड़ी शर्त, ICC की बढ़ी टेंशन
News India Live, Digital Desk: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की 'जंग' अब मैदान से बाहर निकलकर आईसीसी (ICC) के दफ्तरों तक पहुँच गई है। टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के कड़े रुख ने क्रिकेट प्रेमियों और आईसीसी की नींद उड़ा दी है। लाहौर में हुई एक अहम बैठक में पीसीबी ने 'लाहौर रेजोल्यूशन' पास करते हुए साफ कर दिया है कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो वे कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
क्या है पूरा विवाद? PCB की 'बहिष्कार' की धमकी
ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भारत द्वारा पाकिस्तान का दौरा न करने (द्विपक्षीय सीरीज) के फैसले से बेहद नाराज है। पीसीबी के आला अधिकारियों की बैठक में यह मांग उठी है कि यदि भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं आती, तो पाकिस्तान भी आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स में भारत के खिलाफ खेलने या वर्ल्ड कप में शामिल होने पर विचार कर सकता है।
लाहौर रेजोल्यूशन: ये हैं 3 बड़ी मांगें
न्यूज़18 की लाइव अपडेट्स के मुताबिक, पीसीबी ने अपनी बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे हैं:
रेवेन्यू शेयर (Revenue Share): पीसीबी आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल में अपने हिस्से को बढ़ाने की मांग कर रहा है।
द्विपक्षीय क्रिकेट (Bilateral Series): पाकिस्तान चाहता है कि आईसीसी भारत को उनके साथ खेलने के लिए राजी करे या फिर हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह खत्म किया जाए।
न्यूट्रल वेन्यू पर फैसला: पीसीबी ने साफ कहा है कि 'हैंडशेक' तभी होगा जब सम्मान बराबर का मिले।
ICC और BCB की भूमिका: सुलह की कोशिशें जारी
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के प्रतिनिधियों की लाहौर में मुलाकात होने की खबर है। आईसीसी किसी भी कीमत पर भारत-पाकिस्तान मैच को वर्ल्ड कप से बाहर नहीं होने देना चाहता, क्योंकि इस एक मैच से सबसे ज्यादा रेवेन्यू (कमाई) पैदा होता है।
क्या वाकई वर्ल्ड कप छोड़ देगा पाकिस्तान?
विशेषज्ञों का मानना है कि 'बहिष्कार' की बात केवल दबाव बनाने की एक रणनीति हो सकती है। यदि पाकिस्तान वर्ल्ड कप का बहिष्कार करता है, तो उसे भारी वित्तीय नुकसान के साथ-साथ आईसीसी की पाबंदियों का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, पीसीबी इस बार झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है।
क्रिकेट फैंस के लिए क्या है इसका मतलब?
अगर बातचीत विफल रहती है, तो 2026 के क्रिकेट कैलेंडर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फैंस के लिए सबसे बुरी खबर यह हो सकती है कि उन्हें लंबे समय तक भारत-पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को न मिले।