Yoga for Beginners: जिम जाने की जरूरत नहीं! घर पर इन 5 आसान योगासनों से शुरू करें अपनी फिटनेस यात्रा, शरीर बनेगा फौलादी और लचीला

Post

नई दिल्ली/लखनऊ। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई लोग जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते या भारी-भरकम वर्कआउट से कतराते हैं। अगर आप भी व्यायाम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो योग से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। योग की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आप घर के किसी भी कोने में बिना किसी महंगे उपकरण के शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती योग (Yoga for Beginners) शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति और तनाव मुक्ति का सबसे सरल साधन है।

पर्वत मुद्रा: शरीर को दें सही पोश्चर और संतुलन

योग की शुरुआत हमेशा पर्वत मुद्रा (Mountain Pose) से करनी चाहिए। यह सभी खड़े होकर किए जाने वाले आसनों की नींव है। सीधे खड़े होकर पैरों को जमीन पर टिकाना और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखना न केवल आपके शारीरिक संतुलन को सुधारता है, बल्कि आत्मविश्वास भी जगाता है। इसके बाद आगे झुकने वाले आसन (Forward Fold) का अभ्यास करें, जो आपकी हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से की जकड़न को गुरुत्वाकर्षण की मदद से धीरे-धीरे खत्म करता है।

रीढ़ की हड्डी और कूल्हों के लिए संजीवनी

घंटों कुर्सी पर बैठने से होने वाली अकड़न को दूर करने के लिए कैट-काउ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch) और डाउनवर्ड फेसिंग डॉग बेहतरीन विकल्प हैं। कैट-काउ स्ट्रेच रीढ़ की हड्डी में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे पीठ दर्द में तुरंत राहत मिलती है। वहीं, डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पूरे शरीर को एक साथ स्ट्रेच करता है, जिससे कंधों और पिंडलियों की मांसपेशियों में मजबूती आती है।

[Image showing easy yoga poses for beginners at home]

तितली और लो लंज: जांघों और कूल्हों की जकड़न होगी छूमंतर

अक्सर शुरुआती लोगों को कूल्हों में भारीपन महसूस होता है। इसके लिए तितली मुद्रा (Butterfly Pose) और लो लंज (Low Lunge) जादुई असर दिखाते हैं। तितली मुद्रा भीतरी जांघों को धीरे से खोलती है, जबकि लो लंज कूल्हों की गतिशीलता (Mobility) में सुधार करता है। ये आसन उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हैं जो दिनभर डेस्क जॉब करते हैं।

विश्राम भी है जरूरी: बाल मुद्रा और शवासन

योग केवल पसीना बहाना नहीं, बल्कि शरीर को आराम देना भी है। अभ्यास के बीच में बाल मुद्रा (Child’s Pose) शरीर को शांति प्रदान करती है। सत्र के अंत में शवासन (Corpse Pose) सबसे महत्वपूर्ण है। पीठ के बल लेटकर शरीर को ढीला छोड़ना आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और दिनभर की थकान को मिटा देता है।

घर पर अभ्यास के लिए विशेष टिप्स

जबरदस्ती न करें: योग का सिद्धांत 'अहिंसा' है। अपने शरीर की क्षमता से ज्यादा खिंचाव न करें।

नियमितता है चाबी: घंटों अभ्यास करने के बजाय रोजाना केवल 10-20 मिनट का सत्र अधिक प्रभावी होता है।

सांसों पर ध्यान: योग में गति से ज्यादा महत्व गहरी और लंबी सांसों का है।

सही सतह: अभ्यास के लिए फिसलन-रोधी मैट या किसी दरी का उपयोग करें ताकि संतुलन बना रहे।