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April 08 2026 11:11 am

शिरोमणि अकाली दल में मची भगदड़ सुखबीर बादल को एक और बड़ा झटका, इस दिग्गज नेता ने थामा इस्तीफे का दामन

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News India Live, Digital Desk: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के भीतर चल रहा असंतोष अब एक बड़े संकट में बदल गया है। ताजा घटनाक्रम में पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता ने अपने पद से इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व पर उठ रहे सवालों के बीच एक के बाद एक दिग्गज नेताओं का साथ छोड़ना अकाली दल के वजूद के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

वरिष्ठ नेता का इस्तीफा: नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी की वर्तमान कार्यप्रणाली और नेतृत्व के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया है। इस्तीफा देने वाले नेता का कहना है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और कार्यकर्ताओं की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। इस इस्तीफे ने पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा छेड़ दी है।

सुखबीर बादल की मुश्किलें बढ़ीं, 'बागी' गुट हुआ मजबूत

पिछले कुछ समय से शिरोमणि अकाली दल दो फाड़ नजर आ रहा है। एक तरफ सुखबीर सिंह बादल का खेमा है, तो दूसरी तरफ 'सुधार लहर' चलाने वाले बागी नेताओं का गुट। इस नए इस्तीफे ने बागी धड़े को और मजबूती दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस्तीफों का यह दौर इसी तरह जारी रहा, तो आगामी चुनावों में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पार्टी के पुराने वफादार नेताओं का जाना कैडर के मनोबल को भी तोड़ रहा है।

क्या पंजाब की राजनीति में आएगा नया मोड़?

अकाली दल में जारी इस उठापटक का सीधा फायदा प्रतिद्वंद्वी पार्टियों को मिल सकता है। पंजाब में अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे अकाली दल के लिए यह समय आत्ममंथन का है। चर्चा है कि इस्तीफा देने वाले नेता आने वाले दिनों में किसी अन्य प्रमुख दल में शामिल हो सकते हैं या फिर बागी धड़े के साथ मिलकर नई रणनीति तैयार कर सकते हैं। फिलहाल, बादल परिवार के लिए अपने कुनबे को बिखरने से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।