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April 09 2026 02:22 pm

युद्ध विराम या नई शुरुआत? डोनाल्ड ट्रंप ने मानी ईरान की 10 शर्तें जानें ट्रुथ सोशल पर क्या हुआ बड़ा एलान

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News India Live, Digital Desk: दुनिया भर की धड़कनें उस वक्त थम गईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम (Ceasefire) का एलान कर दिया। ट्रंप ने ईरान द्वारा पेश किए गए '10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव' को बातचीत के लिए एक "व्यावहारिक आधार" (Workable Basis) बताया है। इस ऐतिहासिक फैसले ने न केवल युद्ध की आग को ठंडा किया है, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी भारी उछाल ला दिया है।

ईरान की वो 10 शर्तें जिन्होंने ट्रंप को सोचने पर मजबूर किया

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए जो 10 प्रमुख शर्तें रखी हैं, उनमें कुछ बेहद कड़ी और चौंकाने वाली मांगें शामिल हैं। इन शर्तों में प्रमुख हैं:

पूर्ण युद्धविराम: ईरान के खिलाफ युद्ध को बिना किसी समय सीमा के स्थायी रूप से बंद करना।

क्षेत्रीय शांति: इराक, लेबनान और यमन जैसे पड़ोसी देशों में भी सैन्य अभियानों पर रोक।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से खोलना और वहां सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना।

प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना।

जमी हुई संपत्ति: अमेरिका में फ्रीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों को तुरंत रिलीज करना।

पुनर्निर्माण मुआवजा: युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरान को भारी मुआवजे का भुगतान।

परमाणु संकल्प: ईरान परमाणु हथियार हासिल न करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगा।

सैन्य वापसी: क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की क्रमिक वापसी (कथित तौर पर शामिल)।

यूरैनियम संवर्धन: ईरान को नागरिक उद्देश्यों के लिए सीमित संवर्धन की अनुमति (चर्चा का विषय)।

तत्काल प्रभाव: समझौते की मंजूरी मिलते ही सभी मोर्चों पर गोलाबारी बंद करना।

ट्रंप का 'मास्टरस्ट्रोक' या कूटनीतिक जीत?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने अपने लगभग सभी सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं, इसलिए अब शांति वार्ता का समय है। उन्होंने इस डील को "Double-sided CEASEFIRE" करार दिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि यह केवल 14 दिनों का समय है ताकि कूटनीति अपना काम कर सके। यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से नहीं खोला, तो अमेरिका फिर से सख्त कार्रवाई कर सकता है।

दुनिया भर में राहत, पाकिस्तान की बड़ी भूमिका

इस समझौते के पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उनकी मध्यस्थता के बाद ही ट्रंप अपने उस अल्टीमेटम से पीछे हटे, जिसमें उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने की चेतावनी दी थी। इस खबर के आते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट आई है और भारतीय शेयर बाजार (Sensex/Nifty) में ऐतिहासिक तेजी देखी गई है।