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March 18 2026 01:32 pm

SSC Revised Calendar 2026 : CGL, CHSL, MTS और GD कांस्टेबल भर्ती की तारीखें घोषित यहाँ देखें पूरा शेड्यूल

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News India Live, Digital Desk: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने वर्ष 2026-27 के लिए अपना संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। इस नए शेड्यूल के आने से लाखों सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपनी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। कैलेंडर के अनुसार, CGL 2026 और JE 2026 जैसी बड़ी भर्तियों के नोटिफिकेशन मार्च के अंत तक जारी कर दिए जाएंगे।

प्रमुख भर्तियों का परीक्षा कार्यक्रम 2026-27

आयोग द्वारा जारी तिथियों के अनुसार प्रमुख परीक्षाओं का विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

परीक्षा का नामनोटिफिकेशन की तारीखआवेदन की अंतिम तिथिपरीक्षा का महीना (संभावित)
SSC CGL 202631 मार्च 202630 अप्रैल 2026मई – जून 2026
SSC JE 202631 मार्च 202630 अप्रैल 2026मई – जून 2026
Selection Post Phase-1431 मार्च 202630 अप्रैल 2026मई – जुलाई 2026
SSC CHSL 202630 अप्रैल 202631 मई 2026जुलाई – सितंबर 2026
Steno Grade 'C' & 'D'30 अप्रैल 202631 मई 2026अगस्त – सितंबर 2026
SSC MTS & Havaldar30 जून 202631 जुलाई 2026सितंबर – नवंबर 2026
Delhi Police & CPO SI31 मई 202630 जून 2026अक्टूबर – नवंबर 2026
SSC GD Constable 202730 सितंबर 202631 अक्टूबर 2026जनवरी – मार्च 2027

 

SSC GD कांस्टेबल परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट

पिछले भर्ती चक्र की SSC GD 2026 परीक्षा, जो फरवरी 2026 में होनी थी, उसे प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दिया गया है। अब संशोधित कैलेंडर के अनुसार, नई GD कांस्टेबल भर्ती का नोटिफिकेशन सितंबर 2026 में आएगा और इसकी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) जनवरी से मार्च 2027 के बीच आयोजित की जाएगी।

CGL 2026: ग्रेजुएशन पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका

SSC CGL 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में ग्रुप 'B' और 'C' के पदों पर भर्ती की जाएगी।

योग्यता: किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor's Degree)।

चयन प्रक्रिया: टियर-1 (क्वालिफाइंग) और टियर-2 (मेरिट आधारित)।

आयु सीमा: 18 से 32 वर्ष (पदानुसार छूट उपलब्ध)।

नया नियम: 'वेटिंग लिस्ट' जैसी व्यवस्था की तैयारी?

आयोग ने संकेत दिया है कि वह FRTA (First Round of Tentative Allocation) जैसी व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य उन पदों को भरना है जो अभ्यर्थियों के ज्वाइन न करने या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में न आने के कारण खाली रह जाते हैं। इससे मेरिट में थोड़े पीछे रह गए उम्मीदवारों को भी मौका मिल सकेगा।