UP Board Result 2026 : यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू, रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी करने की तैयारी,जानें संभावित तारीख
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद अब अगले चरण की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। प्रदेश के निर्धारित केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन (Copy Evaluation) आज से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। बोर्ड का लक्ष्य इस बार पिछले वर्षों के मुकाबले और भी जल्दी और पारदर्शी तरीके से परिणाम घोषित करना है।
मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा का 'डिजिटल' पहरा
यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
CCTV और वॉइस रिकॉर्डर: प्रदेश के सभी 250 से अधिक केंद्रों पर कॉपियों की जांच सीसीटीवी कैमरों और वॉइस रिकॉर्डर की निगरानी में हो रही है।
लाइव मॉनिटरिंग: प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम से इन केंद्रों की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
स्मार्टफोन पर पाबंदी: मूल्यांकन कक्ष के भीतर परीक्षकों के लिए स्मार्टफोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
3 स्तरों पर होगी अंकों की जांच
रिजल्ट में किसी भी तरह की मानवीय त्रुटि को कम करने के लिए यूपी बोर्ड 'थ्री-स्टेप वेरिफिकेशन' मॉडल अपना रहा है। पहले स्तर पर परीक्षक कॉपी जांचेंगे, दूसरे स्तर पर उप-प्रधान परीक्षक अंकों के जोड़ की पुष्टि करेंगे और तीसरे स्तर पर रैंडम सैंपलिंग के जरिए टॉपर्स की कॉपियों का दोबारा मिलान किया जाएगा।
कब आएगा यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट?
लाखों छात्र और उनके अभिभावक बेसब्री से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड के सूत्रों और मूल्यांकन की गति को देखते हुए निम्नलिखित संभावित समयरेखा सामने आई है:
मूल्यांकन की अवधि: कॉपियों की जांच की प्रक्रिया अगले 12 से 15 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य है।
डेटा अपलोडिंग: मूल्यांकन के तुरंत बाद अंकों को बोर्ड के सर्वर पर अपडेट करने का काम डिजिटल मोड में शुरू होगा।
रिजल्ट की तारीख: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो यूपी बोर्ड 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर परिणाम जारी कर सकता है।
55 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य दांव पर
इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में लगभग 55 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। बोर्ड सचिव ने परीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्पक्षता और सावधानी के साथ कॉपियों का मूल्यांकन करें, ताकि किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय न हो।