Spying For Pakistan : जैसलमेर में आईएसआई का जासूस दबोचा सेना की गोपनीय सूचनाएं सीमा पार भेजने का आरोप
News India Live, Digital Desk : राजस्थान इंटेलिजेंस और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने एक संयुक्त अभियान में जैसलमेर से 28 वर्षीय एक युवक को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय सेना की आवाजाही, सामरिक ठिकानों के नक्शे और अन्य गोपनीय दस्तावेज सोशल मीडिया के जरिए सीमा पार भेजने का गंभीर आरोप है।
1. कौन है गिरफ्तार संदिग्ध? (The Suspect)
गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान 28 वर्षीय निवांत (नाम बदला हुआ हो सकता है, आधिकारिक पुष्टि प्रक्रियाधीन) के रूप में हुई है, जो जैसलमेर के एक स्थानीय क्षेत्र का निवासी है।
पेशा: वह स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे काम करता था, जिससे उसे सेना के इलाकों के आसपास घूमने में आसानी होती थी।
हनीट्रैप का संदेह: शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी को सोशल मीडिया पर एक महिला की फर्जी प्रोफाइल के जरिए जाल में फंसाया गया था।
2. जासूसी का 'डिजिटल' तरीका (Modus Operandi)
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पिछले कई महीनों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था:
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| सूचनाओं का आदान-प्रदान | सेना के वाहनों की आवाजाही और छावनी क्षेत्रों (Cantonments) की तस्वीरें WhatsApp और Telegram के जरिए भेजी गईं। |
| भुगतान (Payment) | आरोपी को इन सूचनाओं के बदले विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से 'हवाला' या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से पैसे मिलते थे। |
| गोपनीयता | वह अपने फोन से डेटा भेजने के बाद उसे तुरंत डिलीट कर देता था, जिसे अब फॉरेंसिक जांच के लिए रिकवर किया जा रहा है। |
3. 'ऑपरेशन सरहद' के तहत कार्रवाई
राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने इसे 'ऑपरेशन सरहद' का हिस्सा बताया है।
पूछताछ: आरोपी को जयपुर लाया गया है, जहाँ 'संयुक्त पूछताछ केंद्र' (JIC) में IB, RAW और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं।
नेटवर्क की तलाश: एजेंसियों को शक है कि सीमावर्ती इलाकों में कुछ और लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
4. सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट
इस गिरफ्तारी के बाद जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे सीमावर्ती जिलों में चौकसी बढ़ा दी गई है।
निगरानी: स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सोशल मीडिया चेतावनी: रक्षा बलों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती न करें, क्योंकि वे ISI के 'हनीट्रैप' मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं।
जासूसी के बढ़ते मामले
पिछले एक साल में राजस्थान सीमा से सटे इलाकों में जासूसी के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी युग में अब जासूसी केवल 'फिजिकल' नहीं रही, बल्कि 'डिजिटल' ज्यादा हो गई है। आरोपी की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि भारतीय एजेंसियां साइबर स्पेस में दुश्मन की हर चाल पर पैनी नजर रखे हुए हैं।