न ऑस्ट्रेलिया न इंग्लैंड, दुनिया की इस खतरनाक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 'शून्य' पर आउट हुए मास्टर ब्लास्टर, आंकड़े देख रह जाएंगे हैरान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी महानतम बल्लेबाजों की बात होती है, तो भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम सबसे पहले जुबां पर आता है। शतकों का महाशतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, सबसे ज्यादा मैच और अनगिनत ऐसे रिकॉर्ड्स दर्ज हैं जिन्हें तोड़ पाना किसी भी आधुनिक बल्लेबाज के लिए एक ख्वाब जैसा है। लेकिन क्रिकेट के इस महानायक के करियर में जहां सफलताओं के ऊंचे शिखर हैं, वहीं एक ऐसा अनचाहा और हैरान करने वाला रिकॉर्ड भी छिपा है जिसे उनके फैंस शायद ही याद रखना चाहें। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानकों के अनुसार, सचिन तेंदुलकर अपने लंबे करियर में ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों के सामने नहीं, बल्कि दुनिया की एक दूसरी सबसे घातक टीम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य (0) यानी डक पर आउट हुए हैं।
इस पड़ोसी मुल्क के तेज गेंदबाजों के सामने सबसे ज्यादा बार फेल हुए तेंदुलकर
रिकॉर्ड्स और खेल सांख्यिकी के गहन विश्लेषण के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट और वनडे मिलाकर) में सबसे ज्यादा बार भारत के पारंपरिक और सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी 'पाकिस्तान' (Pakistan) के खिलाफ शून्य पर पवेलियन लौटे हैं। अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान सचिन तेंदुलकर कुल 34 बार शून्य पर आउट हुए, जिसमें से अकेले पाकिस्तान के खिलाफ वे रिकॉर्ड 8 बार बिना खाता खोले आउट हुए। वसीम अकरम, वकार यूनिस, शोएब अख्तर और आसिफ जैसे पाकिस्तान के विश्व प्रसिद्ध और खतरनाक तेज गेंदबाजों की स्विंग व रफ्तार भरी गेंदों के सामने कई बार मास्टर ब्लास्टर को भी चकमा खाना पड़ा, जिसके चलते उनके नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमें भी इस लिस्ट में हैं शामिल
पाकिस्तान के बाद अगर बात करें कि सचिन तेंदुलकर किस टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा बार बिना खाता खोले आउट हुए, तो उसमें श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया का नाम आता है। श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर अपने करियर में 6 बार शून्य पर आउट हुए, जबकि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ वे 5 बार डक का शिकार बने। प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल लंबे करियर में दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमणों का सामना किया। उन्होंने सबसे ज्यादा मैच भी पाकिस्तान, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ खेले, यही वजह है कि इन टीमों के खिलाफ उनके शून्य पर आउट होने की संख्या भी अन्य टीमों की तुलना में अधिक रही।
इस अनचाहे रिकॉर्ड के बावजूद दुनिया के सबसे सफल बल्लेबाज हैं मास्टर ब्लास्टर
गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और स्पोर्ट्स मीडिया की खबरों के अनुसार, इस एक अनचाहे रिकॉर्ड से सचिन तेंदुलकर की महानता पर कोई असर नहीं पड़ता है। जहां वे 34 बार शून्य पर आउट हुए, वहीं उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक और 164 अर्धशतक जड़कर कुल 34,357 रन बनाए हैं, जो आज भी एक अटूट विश्व रिकॉर्ड है। क्रिकेट समीक्षकों का कहना है कि महान खिलाड़ियों के करियर के ये उतार-चढ़ाव ही खेल को और अधिक रोमांचक और मानवीय बनाते हैं। आज भी जब भारत और पाकिस्तान के पुराने मैचों की चर्चा होती है, तो सचिन तेंदुलकर की वो ऐतिहासिक पारियां और गेंदबाजों के साथ उनका वो कड़ा मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा हो जाता है।