ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद मुझ पर दबाव नहीं बढ़ा, बल्कि आगे बढ़ने की जबरदस्त प्रेरणा मिली: एलिना रिबाकिना
खेल जगत की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी किसी प्रतिष्ठित ग्रैंडस्लैम खिताब को अपने नाम करता है, तो उसके ऊपर दुनिया भर की उम्मीदों का एक भारी बोझ आ जाना बेहद स्वाभाविक माना जाता है। हालांकि, मौजूदा सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन ओपन का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर अपने करियर में एक नया इतिहास रचने वाली टेनिस स्टार एलिना रिबाकिना की सोच इस मामले में बिल्कुल अलग और अनूठी है। हाल ही में जियोस्टार के माध्यम से दैनिक जागरण के साथ साझा किए गए एक विशेष और खुलकर किए गए साक्षात्कार में रिबाकिना ने इस बात का खुलासा किया कि एक ग्रैंडस्लैम चैंपियन बनने के बाद लोगों की बढ़ी हुई उम्मीदों ने कभी भी उनके ऊपर कोई मानसिक दबाव या तनाव नहीं बढ़ाया है, बल्कि इसके विपरीत उस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें जीवन में और अधिक आगे बढ़ने तथा अपनी सीमाओं को पार करने की एक अटूट प्रेरणा दी है। उनकी यह सकारात्मक मानसिकता इस बात का प्रमाण है कि एक पेशेवर एथलीट के रूप में वह दबाव को किस प्रकार ऊर्जा में बदलना बखूबी जानती हैं।
सत्र की शानदार शुरुआत और यूएस ओपन को लेकर ऊंचे लक्ष्य
एलिना रिबाकिना के लिए मौजूदा टेनिस सत्र की शुरुआत सपनों जैसी रही है, क्योंकि उन्होंने वर्ष के पहले ही बड़े टूर्नामेंट यानी ऑस्ट्रेलियन ओपन के सिंगल्स खिताब पर अपने शानदार खेल के दम पर कब्जा जमाया था। इस बड़ी सफलता के बाद अब उनकी नजरें साल के आखिरी और चौथे ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट यानी यूएस ओपन की ट्रॉफी पर टिकी हुई हैं। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह साल की अपनी इस बेहतरीन लय और विजयी फॉर्म को न्यूयॉर्क की कठोर कोर्ट पर भी पूरी तरह से बरकरार रखना चाहती हैं। टोरंटो और सिनसिनाटी ओपन के चुनौतीपूर्ण मुकाबलों के बाद उन्होंने अपनी कोचिंग और सपोर्ट टीम के साथ मिलकर यूएस ओपन के लिए बेहद कड़ी और पुख्ता तैयारी की है। रिबाकिना ने बताया कि शारीरिक रूप से वह इस समय पूरी तरह से फिट महसूस कर रही हैं और कोर्ट पर अपनी पूरी ऊर्जा झोंकने के लिए मानसिक रूप से भी पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे उनके प्रशंसकों की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।
व्यस्त शेड्यूल, नींद की कमी और रिकवरी की चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय टेनिस सर्किट पर खिलाड़ियों का शेड्यूल कितना व्यस्त और थकान भरा होता है, इसका अंदाजा रिबाकिना के बयानों से आसानी से लगाया जा सकता है। लगातार और बैक-टू-बैक टूर्नामेंट खेलने के कारण उन्हें और अन्य खिलाड़ियों को कई बार पर्याप्त मात्रा में नींद और शारीरिक रिकवरी का समय नहीं मिल पाता है। पिछले साल के यूएस ओपन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे दौर तक का सफर तय करने वाली एलिना रिबाकिना ने इस बार अपने लक्ष्यों के बारे में बात करते हुए कहा कि यदि वह इस वर्ष के इस अंतिम ग्रैंडस्लैम में कम से कम सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रहती हैं, तो वह इसे अपनी एक बड़ी और संतोषजनक सफलता मानेंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वह सेमीफाइनल की बाधा को पार करते हुए टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचती हैं और खिताब जीतती हैं, तो यह उनके और उनके देश के लिए सोने पर सुहागा जैसा होगा। व्यस्तता के बावजूद वह अपनी फिटनेस और डाइट का पूरा ध्यान रख रही हैं ताकि थकान उनके प्रदर्शन पर हावी न हो सके।
न्यूयॉर्क के शोरगुल और कोर्ट पर फोकस के बीच संतुलन
यूएस ओपन जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट्स में दर्शकों का भारी शोरगुल, फैंस की हूटिंग और स्टेडियम का भव्य माहौल किसी भी खिलाड़ी का ध्यान भटकाने के लिए काफी होता है। इस अनूठे माहौल के बारे में बात करते हुए रिबाकिना ने कहा कि कोर्ट के बाहर भले ही कितना भी कोलाहल या शोर क्यों न हो, लेकिन जब वह मैदान के अंदर उतरती हैं, तो उनका पूरा और एकमात्र ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी गेम और टेनिस बॉल पर होता है। उस दौरान वह केवल अपनी सपोर्ट टीम और कोच की आवाज़ों को सुनने का प्रयास करती हैं ताकि रणनीति में कोई चूक न हो। इसके अलावा, न्यूयॉर्क शहर में मिले थोड़े बहुत खाली समय का उपयोग उन्होंने शहर के चुनिंदा और बेहतरीन रेस्तरां में स्वादिष्ट डिनर करने और कभी-कभार सिनेमा का आनंद लेकर अपने मानसिक तनाव को दूर करने में किया। लेकिन अब जब मुकाबला अपने चरम पर है, तो उनका सारा ध्यान केवल पूर्ण विश्राम और आगामी मैचों की रणनीति तैयार करने पर केंद्रित है।