Asian Games 2026: नीरज चोपड़ा के चोटिल होने पर यशवीर सिंह को मिली टीम में एंट्री, अभिषेक पाल पर डोपिंग का गाज
भारतीय खेल जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आगामी एशियाई खेलों (Asian Games 2026) के लिए घोषित भारतीय एथलेटिक्स टीम में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। देश के स्टार भाला फेंक (Javelin Throw) एथलीट और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा गंभीर चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं, जिसके चलते उनकी जगह अब युवा होनहार एथलीट यशवीर सिंह को भारतीय टीम में आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। इसके साथ ही, लंबी दूरी के जाने-माने धावक अभिषेक पाल को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की ओर से डोपिंग उल्लंघन का नोटिस मिलने के बाद टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) द्वारा लुधियाना में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 77 सदस्यीय मजबूत ट्रैक एंड फील्ड टीम की घोषणा करते हुए इन तमाम बड़े बदलावों की आधिकारिक पुष्टि की गई, जिससे खेल प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
नीरज चोपड़ा के चोटिल होने से टीम को झटका, यशवीर सिंह संभालेंगे मोर्चा
भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े चमकते सितारे नीरज चोपड़ा का एशियाई खेलों से बाहर होना देश के खेल प्रशंसकों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के दौरान नीरज चोपड़ा मामूली रूप से चोटिल हो गए थे, और पूरी तरह से फिट न होने के कारण उन्होंने इस प्रतिष्ठित महाद्वीप प्रतियोगिता से हटने का कड़ा निर्णय लिया है। हालांकि, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने उनकी कमी को पूरा करने के लिए तुरंत बड़ा कदम उठाते हुए प्रतिभाशाली भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह को टीम में जगह दी है। आपको बता दें कि यशवीर सिंह ने हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कांस्य पदक जीता था, जबकि उसी प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक अपने नाम किया था। अब एशियाई खेलों के मंच पर यशवीर सिंह से देश को स्वर्ण पदक की भारी उम्मीदें रहेंगी।
डोपिंग विवाद में फंसे अभिषेक पाल, तेजस शिरसे भी हुए बाहर
एक तरफ जहां नीरज चोपड़ा के चोटिल होने से टीम को नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी तरफ डोपिंग के मामलों ने भारतीय एथलेटिक्स की साख को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। लंबी दूरी की दौड़ में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख धावक अभिषेक पाल को नाडा (NADA) द्वारा एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इस गंभीर नोटिस के मिलते ही एएफआई ने बिना कोई देर किए उन्हें एशियाई खेलों की अंतिम टीम से बाहर कर दिया है। इसके अलावा, पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के विशेषज्ञ धावक तेजस शिरसे को भी टीम से बाहर का सामना करना पड़ा है, क्योंकि वे भी ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के अपने अभियानों के दौरान चोटिल हो गए थे और समय पर फिट नहीं हो सके। एएफआई अध्यक्ष बहादुर सिंह सग्गू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन सभी फैसलों पर मुहर लगाते हुए स्पष्ट किया कि अनुशासन, फिटनेस और नियमों का पालन करना हर एथलीट के लिए सर्वोपरि है।
एशियाई खेलों के लिए 77 सदस्यीय मजबूत भारतीय ट्रैक एंड फील्ड टीम घोषित
तमाम उतार-चढ़ाव और खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने एशियाई खेलों (आइची-नागोया) के लिए कुल 77 सदस्यीय अत्यंत संतुलित और मजबूत ट्रैक एंड फील्ड दल की अंतिम सूची जारी कर दी है। इस टीम में देश के कई दिग्गज और उभरते हुए युवा खिलाड़ी कंधे से कंधा मिलाकर देश के लिए पदक जीतने के वास्ते मैदान पर उतरेंगे। पुरुष वर्ग में गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), गुलवीर सिंह, गोला फेंक स्टार तेजिंदर पाल तूर, और भाला फेंक में यशवीर सिंह व रोहित यादव जैसे धुरंधर शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ, महिला वर्ग में ज्योति याराजी, पारुल चौधरी, लंबी कूद की स्टार शैली सिंह, अन्नू रानी, और प्रियंका गोस्वामी जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभावान एथलीट देश की पदक की उम्मीदों को पंख देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। महासंघ को पूरी उम्मीद है कि बदलावों के बाद यह नई टीम अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम रोशन करेगी।
एएफआई अध्यक्ष बहादुर सिंह सग्गू ने टीम चयन पर रखी अपनी दो टूक बात
खिलाड़ियों के चयन और ऐन मौके पर हुए बदलावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के अध्यक्ष बहादुर सिंह सग्गू ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में चोटें और अन्य प्रशासनिक या अनुशासनात्मक परेशानियां खेल का एक अनिवार्य हिस्सा होती हैं, लेकिन देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे ऊपर है। सग्गू ने पुष्टि करते हुए कहा कि चूंकि नीरज चोपड़ा अपनी पुरानी चोट से पूरी तरह उबरने की प्रक्रिया में हैं, इसलिए हमने राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता यशवीर सिंह को उनकी जगह टीम में शामिल करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है, जिन्होंने अपनी काबिलियत साबित की है। इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक पाल के डोपिंग मामले पर भी दुख व्यक्त किया और कहा कि महासंघ खेल में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या डोपिंग को बढ़ावा नहीं देता है। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि घोषित की गई यह अंतिम 77 सदस्यीय टीम एशियाई खेलों के कड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हुए भारत की झोली में अधिकतम पदक डालने में पूरी तरह से कामयाब होगी।