वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं, वरुण चक्रवर्ती भी बेंच पर

वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं, वरुण चक्रवर्ती भी बेंच पर

क्रिकेट के गलियारों में इस समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही रोमांचक टी20 सीरीज की चर्चाएं जोरों पर हैं। श्रृंखला के पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया की फाइनल प्लेइंग इलेवन सामने आने के बाद फैंस के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम के इस संयोजन ने कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, जिससे क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि आखिर मैनेजमेंट ने किन खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है और किसे बाहर बैठना पड़ा है।

टॉस का हाल और प्लेइंग इलेवन का ताना-बाना

क्राइस्टचर्च के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे इस कड़े मुकाबले में टॉस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भारतीय टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, जिसके बाद सबकी निगाहें मैदान पर उतरने वाले शुरुआती ग्यारह खिलाड़ियों पर टिकी थीं। इस मुकाबले के लिए चुनी गई टीम में युवाओं और अनुभव का मिश्रण दिखाने की कोशिश तो की गई है, लेकिन कुछ ऐसे नाम भी हैं जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि उन्हें अंतिम ग्यारह में मौका क्यों नहीं मिल पाया।

वैभव सूर्यवंशी और वरुण चक्रवर्ती को क्यों बैठना पड़ा बाहर

हाल के दिनों में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और घरेलू क्रिकेट के शानदार प्रदर्शन से सनसनी फैलाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को इस मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई है। टीम प्रबंधन फिलहाल उन्हें परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और सीनियर खिलाड़ियों के अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। इसके साथ ही, अपनी फिरकी के जादू से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले प्रमुख स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को भी बेंच पर ही बैठना पड़ा है। टीम कॉम्बिनेशन और पिचों के मिजाज को देखते हुए मैनेजमेंट ने स्पिन विभाग में दूसरे विकल्पों के साथ जाना बेहतर समझा, जिसके चलते इन दोनों खिलाड़ियों का नाम शुरुआती ग्यारह से बाहर रह गया।

शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन संभालेंगे मोर्चा

पारी की शुरुआत करने के लिए टीम इंडिया ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। ओपनिंग की जिम्मेदारी युवा विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के कंधों पर सौंपी गई है। दोनों खिलाड़ियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में तेज गति से रन बटोरकर कीवी गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बना सकें। उनके ठीक बाद बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देने के लिए ईशान किशन और खुद कप्तान श्रेयस अय्यर मध्यक्रम की रीढ़ बनेंगे, जो पारी को संभालने के साथ-साथ रन गति को नियंत्रित करना अच्छी तरह जानते हैं।

मध्यक्रम और ऑलराउंडर खिलाड़ियों की फौज

मिडिल ऑर्डर को और अधिक धार देने के लिए बाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज तिलक वर्मा को मैदान पर उतारा गया है, जो तेजी से रन बनाने के साथ पारी को लंबी रेस देने में माहिर हैं। टीम संतुलन को बनाए रखने के लिए ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी को अंतिम ग्यारह में शामिल किया गया है। ये दोनों खिलाड़ी न केवल अपनी स्पिन और मीडियम पेस गेंदबाजी से विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में आकर बड़े शॉट खेलने में भी पूरी तरह सक्षम हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त गहराई मिलती है।

गेंदबाजी आक्रमण में मयंक और अर्शदीप पर दारोमदार

तेज गेंदबाजी की कमान अनुभवी पेसर भुवनेश्वर कुमार के साथ-साथ रफ्तार के सौदागर मयंक यादव और धारदार गेंदबाज अर्शदीप सिंह के हाथों में सौंपी गई है। क्राइस्टचर्च की हरी भरी और बाउंस भरी पिच पर इन तेज गेंदबाजों से शुरुआती ओवरों में स्विंग और अतिरिक्त उछाल हासिल करने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, कप्तान श्रेयस अय्यर की यह चुनी हुई प्लेइंग इलेवन कितनी कारगर साबित होती है और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को अगले मुकाबलों में मौका मिलता है या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन पहले मैच की यह रणनीति निश्चित तौर पर काफी दिलचस्प हो चुकी है।