फेयरवेल मैच के करोड़ों के कमर्शियल खेल पर लियोनेल मेसी का करारा सवाल

फेयरवेल मैच के करोड़ों के कमर्शियल खेल पर लियोनेल मेसी का करारा सवाल

फुटबॉल के मैदान पर अपनी जादुई ड्रिबलिंग और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपने एक तीखे और बेबाक बयान से पूरी खेल दुनिया को हैरान कर दिया है। खेल और उसके कमर्शियलकरण के इस दौर में जब खिलाड़ी विदाई मैचों और फेयरवेल मुकाबलों के जरिए आखिरी बार मोटी कमाई करने में जुटे रहते हैं, वहीं मेसी ने इस पूरे पैसों के खेल पर एक ऐसा बड़ा और सीधा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसे सुनकर खेल प्रेमियों से लेकर बड़े-बड़े प्रबंधकों के होश उड़ गए हैं। मेसी ने कहा है कि ऐसे विदाई आयोजनों के पीछे छुपा व्यावसायिक लालच और पैसों का खेल खेल की मूल भावना के साथ खिलवाड़ है, और इसे करने के लिए वाकई बहुत बड़ा 'जिगरा' चाहिए। उनके इस सनसनीखेज बयान के बाद से ग्लोबल फुटबॉल गलियारों और मीडिया में बहस छिड़ गई है कि क्या आज के समय में खेल सिर्फ एक व्यापार बनकर रह गया है। आइए जानते हैं कि मेसी के इस बयान के पीछे की पूरी अंदरूनी कहानी क्या है और उन्होंने ऐसा क्यों कहा।

Commercialization of Football: खेल के मैदान से लेकर विदाई मैचों तक, कैसे हावी हो गया है पैसों का बड़ा और मुनाफाखोर खेल

आज के आधुनिक खेल जगत में फुटबॉल हो या क्रिकेट, खेल अब केवल मनोरंजन या पैशन का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह एक मल्टी-बिलियन डॉलर का कारोबार बन चुका है। जब भी कोई महान खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर पहुंचता है और उसके संन्यास या फेयरवेल मैच की बात आती है, तो कॉरपोरेट घराने, स्पॉन्सर और खेल एजेंसियां इसमें करोड़ों-अरबों रुपये कमाने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। टिकटों की आसमान छूती कीमतें, एक्सक्लूसिव ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और विदाई मैचों के नाम पर बेचे जाने वाले मर्चेंडाइज यह साबित करते हैं कि खेल की भावना पीछे छूट चुकी है और कमर्शियल मुनाफा सबसे ऊपर आ गया है। इसी पूरी व्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए लियोनेल मेसी ने इशारों-इशारों में यह बता दिया है कि वे इन दिखावटी और पैसों से रंगे हुए आयोजनों के कितने खिलाफ हैं। उनका मानना है कि एक खिलाड़ी की विदाई उसके मैदान पर दिए गए योगदान और दर्शकों के सच्चे प्यार से तय होनी चाहिए, न कि बैंक बैलेंस बढ़ाने वाले किसी इवेंट से।

Lionel Messi Bold Stand: लियोनेल मेसी का यह बेबाक अंदाज क्यों माना जा रहा है खेल इतिहास का एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम

लियोनेल मेसी को दुनिया भर में उनकी शांत स्वभाव, सादगी और मैदान पर अपनी कला के लिए जाना जाता है, वे अमूमन विवादित बयानों से दूर ही रहते हैं। लेकिन जब उन्होंने इस फेयरवेल और विदाई मैचों के पीछे चल रहे पैसों के खेल पर खुलकर सवाल उठाया, तो खेल विश्लेषकों ने इसे एक बहुत ही साहसिक कदम करार दिया। मेसी अच्छी तरह जानते हैं कि आज के दौर में जब हर बड़ी कंपनी और ब्रांड किसी खिलाड़ी के साथ अपनी विदाई मैच की डील फिक्स करने के लिए बेताब रहती है, ऐसे में इस सिस्टम पर सवाल उठाना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने जिस बेबाकी से यह बात कही है, उसने यह दिखा दिया है कि वे खेल के सच्चे सिपाही हैं जिन्हें पैसों की चमक से ज्यादा मैदान पर मिलने वाला सच्चा सम्मान और खेल की गरिमा प्यारी है। उनके इस रुख के बाद दुनिया भर के युवा खिलाड़ी भी अब इस बात पर विचार करने लगे हैं कि क्या उन्हें भी इस दिखावटी कमर्शियल कल्चर के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

Fans and Media Reaction: मेसी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत में छिड़ी लंबी बहस, समर्थकों ने की जमकर तारीफ

जैसे ही लियोनेल मेसी के ये विचार दुनिया के सामने आए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया। उनके चाहने वाले और दुनियाभर के फुटबॉल फैंस ने उनके इस 'जिगरे' और साहस की जमकर तारीफ की है। फैंस का कहना है कि मेसी ने वही बात कही है जो आज के समय में हर सच्चा खेल प्रेमी महसूस तो करता है लेकिन कोई बड़ा खिलाड़ी खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। दूसरी तरफ, खेल प्रबंधन कंपनियों और कुछ कमर्शियल स्पॉन्सर्स की तरफ से इस पर दबी जुबान में असहजता भी जताई जा रही है, क्योंकि इससे उनके आने वाले विदाई प्रोजेक्ट्स और इवेंट्स के बिजनेस पर असर पड़ सकता है। बहरहाल, मेसी के इस एक बयान ने खेल जगत में उस गहरी और संवेदनशील बहस को फिर से जिंदा कर दिया है, जो लंबे समय से पैसों की चमक के पीछे दबी हुई थी।