भारत ने कबड्डी में रचा नया इतिहास: कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के पहले ही संस्करण में पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता ऐतिहासिक डबल गोल्ड

भारत ने कबड्डी में रचा नया इतिहास: कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के पहले ही संस्करण में पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता ऐतिहासिक डबल गोल्ड

खेल जगत और भारतीय इतिहास के पन्नों में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। माटी के इस पारंपरिक और देश की रग-रग में बसे खेल—कबड्डी—में भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आयोजित की गई कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप (Commonwealth Kabaddi Championship) के सबसे पहले और ऐतिहासिक संस्करण में भारतीय दल ने कमाल कर दिखाया है। भारत की पुरुष और महिला, दोनों ही टीमों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में तूफानी प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं, और इस तरह देश की झोली में डबल गोल्ड की ऐतिहासिक सौगात डाली है। पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में जहां टीम इंडिया ने श्रीलंका को 54-20 के विशाल अंतर से बुरी तरह रौंद दिया, वहीं महिला वर्ग में भारतीय शेरनी ने यूगांडा की टीम को 35-15 से परास्त कर तिरंगे का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में हमारे खिलाड़ियों ने किस प्रकार अपनी आक्रामक रेड और मजबूत डिफेंस से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

पुरुष वर्ग के फाइनल में श्रीलंका पर भारत की एकतरफा और धमाकेदार जीत

कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने मैदान पर उतरते ही जिस प्रकार का दबदबा बनाया, उसने श्रीलंकाई टीम को संभलने तक का मौका नहीं दिया। अनुभवी खिलाड़ी सुरजीत सिंह की कप्तानी में उतरी भारतीय मेंस टीम ने मैच के पहले ही मिनट से अपनी रणनीति का लोहा मनवा लिया।

मैच के पहले हाफ का खेल खत्म होते-होते ही भारतीय टीम ने 15-2 की मजबूत और अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। मुकाबला आगे बढ़ा तो भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रफ्तार और रणनीति से श्रीलंकाई डिफेंस और रेडिंग डिपार्टमेंट की धज्जियां उड़ा दीं। खेल के पहले 20 मिनट के भीतर ही टीम इंडिया ने 20 अंकों की एक विशाल और निर्णायक बढ़त बना ली थी। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन अजेय रहा, और एक भी टीम उनके सामने कोई ठोस चुनौती पेश करने में कामयाब नहीं हो सकी।

आदित्य शिंदे और योगेश दहिया का चमकीला प्रदर्शन, डिफेंस में ढहे विरोधी खिलाड़ी

मैदान पर उतरी भारतीय पुरुष टीम की जीत में कई युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई। भारत के लिए इस खिताबी मुकाबले में सबसे ज्यादा स्कोर स्टार रेडर आदित्य शिंदे (Aditya Shinde) ने किया। आदित्य ने अपनी फुर्ती का परिचय देते हुए 6 बेहतरीन टच पॉइंट्स समेत कुल 10 अंक अर्जित किए और श्रीलंकाई कोर्ट में तबाही मचा दी।

आदित्य के अलावा भारत की तरफ से भरत हुड्डा ने 8 और पंकज मोहिते ने 6 बहुमूल्य अंक बटोरकर टीम की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित किया। सिर्फ रेडिंग ही नहीं, बल्कि डिफेंस डिपार्टमेंट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी पैनी पकड़ दिखाई। डिफेंस में योगेश दहिया (Yogesh Dahiya) ने कहर बरपाते हुए कुल 5 शानदार टैकल पॉइंट्स अपने नाम किए और विपक्षी रेडर्स को बांधकर रख दिया। मैच की समाप्ति के बाद जब भारत को विजेता घोषित किया गया, तो पूरी टीम ने तिरंगा हाथ में लेकर मैदान पर 'लैप ऑफ ऑनर' निकाला, जो हर एक भारतीय के रोंगटे खड़े करने वाला पल था।

महिला टीम ने भी दिखाया दम, यूगांडा को हराकर चूमी सफलता की बुलंदियां

पुरुषों की तरह ही भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के इस पहले संस्करण में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इतिहास रच दिया। महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत का मुकाबला यूगांडा की टीम से था। मैच की पहली सीटी से लेकर आखिरी पल तक भारतीय महिला खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी फिटनेस और तकनीकी दक्षता का शानदार नमूना पेश किया।

भारत के लिए महिला वर्ग में सबसे ज्यादा अंक साक्षी ने बटोरे, जिन्होंने अपने 10 शानदार प्रयासों में से 9 अंक अर्जित किए और विरोधी टीम के डिफेंस को तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा अनु सेन ने अपनी चुस्ती दिखाते हुए 6 रेड पॉइंट्स अपनी झोली में डाले, जबकि निधि शर्मा ने लगातार बोनस पॉइंट्स हासिल करके यूगांडा की टीम पर भारी मानसिक दबाव बनाए रखा। अंततः भारतीय महिला टीम ने कुल 20 रेड और 10 टैकल पॉइंट्स के दम पर इस मुकाबले को 35-15 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया और देश के लिए दूसरा गोल्ड मेडल पक्का कर दिया।

पदक तालिका में भारत का दबदबा: किस देश को मिला कौन सा मेडल

इस पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के समापन के बाद विभिन्न देशों के बीच पदकों का जो बंटवारा हुआ है, उसमें भारत शीर्ष पर चमक रहा है:

  • पुरुष वर्ग: भारत को गोल्ड मेडल, श्रीलंका को सिल्वर मेडल, जबकि केन्या और बांग्लादेश दोनों ही टीमों को ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल से संतोष करना पड़ा।

  • महिला वर्ग: भारत ने यहाँ भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, यूगांडा की झोली में सिल्वर मेडल गया, और केन्या तथा श्रीलंका को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुआ।

इस तरह से इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराया, और देश के पारंपरिक खेल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।