सीएम ने प्रदेशवासियों को दी राज्योत्सव की बधाई, कहा- पहली बार लाल आतंक से मुक्त है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ अपने स्थापना दिवस यानी राज्योत्सव के जश्न में पूरी तरह सराबोर हो चुका है। राज्य के इस गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और सबसे बड़े सुरक्षा बदलाव पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने संबोधन में एक बेहद ऐतिहासिक और राहत भरी बात साझा करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला ऐसा राज्योत्सव है, जब हमारा पूरा प्रदेश माओवादी हिंसा यानी 'लाल आतंक' के साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री के इस बड़े बयान ने राज्य के हर नागरिक के सीने को गर्व से चौड़ा कर दिया है और देश भर में इसकी गूंज सुनाई दे रही है। आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के इस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और भविष्य के रोडमैप को लेकर क्या कुछ खास बातें कहीं।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की धूम और मुख्यमंत्री का प्रदेशवासियों के नाम संदेश
हर साल 1 नवंबर को मनाया जाने वाला छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस इस बार विशेष उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर से लेकर राज्य के सुदूर अंचल और बस्तर की वादियों तक उत्सव का माहौल है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता को बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने वाले सभी वीर सेनानियों, आंदोलनकारियों, किसानों, युवाओं और माताओं-बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 26 साल पहले जिस सपनों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का गठन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में हुआ था, आज हमारा प्रदेश उन सपनों को साकार करते हुए विकास के नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है। आज छत्तीसगढ़ का हर नागरिक गर्व महसूस कर सकता है कि हमारा राज्य कृषि, उद्योग, प्रौद्योगिकी और संस्कृति के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लाल आतंक से मुक्ति और बस्तर में शांति का नया सूरज
मुख्यमंत्री के संबोधन का सबसे भावुक और ऐतिहासिक बिंदु बस्तर अंचल और राज्य के अन्य हिस्सों से माओवाद (Naxalism) का सफाया रहा। दशकों से छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से में लाल आतंक ने विकास की गति को रोक रखा था और मासूमों की जिंदगियों को लील रहा था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों की वीरता, केंद्र और राज्य सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है।
परिणामस्वरूप, आज बस्तर के दूरदराज के गांवों में जहां कभी बारूदी सुरंगों और गोलियों की गूंज हुआ करती थी, वहां अब विकास की किरणें पहुंच रही हैं। स्कूल खुल रहे हैं, अस्पताल बन रहे हैं और पक्की सड़कें बस्तर के अछूते इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला मौका है जब राज्यवासी भयमुक्त होकर स्वतंत्र रूप से अपना राज्योत्सव मना पा रहे हैं, और यह शांति हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
सुशासन, 'मोदी की गारंटी' और छत्तीसगढ़ के विकास का नया विजन
सरकार के पिछले कार्यकाल और वर्तमान नीतियों पर प्रकाश डालते हुए सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि 'सुशासन' और सबका साथ-सबका विकास ही उनकी सरकार का मूल मंत्र है। राज्य में 'मोदी की गारंटी' के तहत किए गए वादों को एक-एक करके धरातल पर उतारा जा रहा है। चाहे वह किसानों को धान का उचित मूल्य और बकाया बोनस देना हो, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हो या फिर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना हो, हर मोर्चे पर काम तेजी से हो रहा है।
आदिवासी बहुल इस राज्य में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है ताकि किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरियां न तय करनी पड़े।
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का संकल्प और युवाओं से विशेष आह्वान
अपने राज्योत्सव के संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं और नौनिहालों को संबोधित करते हुए एक उज्ज्वल भविष्य का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने में 'विकसित छत्तीसगढ़' की भूमिका सबसे अहम होगी। राज्य की खनिज संपदा, वन संपदा और यहां के मेहनतकश लोगों की ऊर्जा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति को बनाए रखते हुए राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए अपना सहयोग दें। राज्योत्सव का यह पर्व केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपने छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध, सुरक्षित और खुशहाल राज्य बनाएंगे।