2026 एशियन गेम्स: 768 सदस्यीय भारतीय दल को हरी झंडी, क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का नाम गायब

2026 एशियन गेम्स: 768 सदस्यीय भारतीय दल को हरी झंडी, क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का नाम गायब

खेल जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित महाकुंभ में से एक एशियाई खेल (Asian Games 2026) को लेकर भारत की तरफ से एक बहुत ही बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। जापान के आइची-नागोया में आगामी 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इन बहुप्रतीक्षित एशियन गेम्स के लिए केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) ने आधिकारिक तौर पर 768 सदस्यों वाले एक विशालकाय और मजबूत भारतीय दल को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस महास्पोर्ट्स इवेंट में भारत के बेहतरीन एथलीट और विभिन्न खेल टीमें कुल 36 अलग-अलग खेल स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए मैदान पर उतरेंगी। खेल मंत्रालय द्वारा अनुमोदित इस कुल 768 सदस्यीय दल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें देश के कुल 503 उत्कृष्ट एथलीट शामिल हैं, जिनमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा दल के सुचारू संचालन और खिलाड़ियों की देखरेख के लिए 246 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य तथा 19 भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के दल सदस्य भी इस आधिकारिक सूची का हिस्सा बनाए गए हैं। सरकार द्वारा पूरी तरह से सरकारी खर्च पर खिलाड़ियों और अधिकारियों को इस वैश्विक मंच पर भेजने का निर्णय लिया गया है, जो देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम है।

विभिन्न खेल महासंघों द्वारा भेजी गई शुरुआती सूचियों की समीक्षा करने के बाद खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक जीतने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस अंतिम दल को मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया के तहत पहले से तय 492 खिलाड़ियों की सूची में 11 नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को और जोड़ दिया गया है, जिससे दल की ताकत और अधिक बढ़ गई है। जापान की धरती पर होने वाले इन मुकाबलों को लेकर भारतीय खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। भारत के ये धुरंधर ट्रैक एंड फील्ड से लेकर टीम गेम्स तक हर जगह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। खेल मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या चिकित्सकीय असुविधा का सामना न करना पड़े, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में मेडिकल स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों को दल में शामिल किया गया है।

एथलेटिक्स का सबसे बड़ा दल, हॉकी और क्रिकेट में भी खिलाड़ियों की भारी भरकम फौज

एशियाई खेलों में भाग लेने वाले भारतीय दल के विभिन्न खेलों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सबसे बड़ा दल हमेशा की तरह ट्रैक एंड फील्ड यानी एथलेटिक्स का है। एथलेटिक्स विभाग में कुल 110 सदस्यों का एक विशाल समूह जापान भेजा जा रहा है, जिसमें 36 पुरुष एथलीट और 43 महिला एथलीट अपने-अपने इवेंट्स में मेडल के लिए जोर लगाएंगे। इसके अलावा, इन 110 सदस्यों में 31 समर्पित सपोर्ट स्टाफ के सदस्य भी शामिल हैं जो खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर पैनी नजर रखेंगे। एथलेटिक्स के ठीक बाद देश के लोकप्रिय टीम गेम्स जैसे कि हॉकी और क्रिकेट का स्थान आता है, जिनमें सदस्यों की कुल संख्या 50 या उससे अधिक तय की गई है। पारंपरिक राष्ट्रीय खेल हॉकी के लिए 57 सदस्यों के दल को मंजूरी मिली है, जबकि टी20 और वनडे फॉर्मेट के बढ़ते क्रेज को देखते हुए क्रिकेट दल में कुल 47 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसके अलावा निशानेबाजी यानी शूटिंग स्पर्धा में भी भारत का दबदबा कायम रखते हुए 47 सदस्यों के एक मजबूत दस्ते को हरी झंडी दिखाई गई है।

सपोर्ट ग्रुप और कोचिंग स्टाफ के महत्व को समझते हुए खेल मंत्रालय ने इस बार व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की है। सपोर्ट ग्रुप में विभिन्न खेलों के मुख्य कोच, डिप्टी मुख्य कोच, विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मेडिकल स्टाफ, मानसिक स्वास्थ्य मनोवैज्ञानिक, पुरुष और महिला मसाज करने वाले एक्सपर्ट, परफॉर्मेंस एनालिस्ट, टीम मैनेजर और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। मंत्रालय ने विशेष रूप से भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को यह कड़े निर्देश जारी किए हैं कि महिला एथलीटों के दल के साथ महिला सपोर्ट स्टाफ, जैसे कि महिला डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट और मसाज एक्सपर्ट की पर्याप्त और सुलभ उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए ताकि महिला खिलाड़ियों को किसी भी तरह की असहजता का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, दल को टोक्यो में स्थित भारतीय दूतावास और इवेंट के मुख्य आयोजकों के साथ अपनी पूरी यात्रा और मूवमेंट की योजना समय से साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

क्रिकेट दल से जुड़ी बड़ी खबर: गौतम गंभीर का नाम गायब, वीवीएस लक्ष्मण संभालेंगे हेड कोच की जिम्मेदारी

768 सदस्यीय इस विशाल भारतीय दल की घोषणा के साथ ही क्रिकेट गलियारों में एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसने खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच (Head Coach) गौतम गंभीर इस आधिकारिक एशियन गेम्स दल का हिस्सा नहीं होंगे। खेल मंत्रालय द्वारा जारी की गई अंतिम और अधिकृत सूची में गौतम गंभीर का नाम शामिल नहीं किया गया है, जो कई लोगों के लिए एक बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है। उनकी जगह पर नेशनल क्रिकेट अकादमी और वर्तमान में बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Center of Excellence) के हेड वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) को एशियन गेम्स के लिए क्रिकेट टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वीवीएस लक्ष्मण इससे पहले भी कई बार मुख्य कोच की अनुपस्थिति में भारतीय युवा और एशियन गेम्स की टीमों के साथ सफलतापूर्वक दौरे पर जा चुके हैं और उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम साबित होगा।

क्रिकेट दल के समीकरणों की बात करें तो लगभग 30 एथलीटों के क्रिकेट दल के लिए कुल 20 सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को मंजूरी दी गई है, जो टीम की रणनीतिक और शारीरिक जरूरतों को पूरा करेंगे। वीवीएस लक्ष्मण के साथ-साथ इस कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में अमोल मजूमदार, अन्य सहायक कोच, 5 विशेषज्ञ मेडिकल स्टाफ और एक समर्पित टीम मैनेजर भी शामिल रहेंगे। हालांकि गौतम गंभीर के इस दौरे पर न जाने के पीछे के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट शेड्यूलिंग और आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। बहरहाल, वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट टीम जापानी सरजमीं पर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।

जापान के आइची-नागोया में इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है भारतीय एथलीटों का कारवां

वर्ष 2026 के ये एशियाई खेल भारत के खेल इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने की पूरी उम्मीद जगा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों सहित हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन के स्तर को काफी ऊंचा उठाया है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दी जाने वाली आधुनिक ट्रेनिंग, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और समय पर वित्तीय सहायता मिलने के कारण अब हमारे खिलाड़ी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 768 सदस्यों के इस भारी-भरकम और संतुलित दल में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी दिग्गजों का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिल रहा है जो पदक तालिका में भारत को अब तक के सबसे ऊंचे पायदान पर ले जाने का माद्दा रखता है।

जैसे-जैसे 19 सितंबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे खिलाड़ियों का उत्साह और ट्रेनिंग का स्तर अपने चरम पर पहुंच रहा है। खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और तमाम राष्ट्रीय खेल महासंघ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जापान पहुंचने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को विश्वस्तरीय सुविधाएं और अनुकूल माहौल मिले। देश को अपने इन 503 एथलीटों से रेसट्रैक से लेकर मैदान और मैट तक हर जगह स्वर्णिम सफलता की उम्मीद है। क्रिकेट के मैदान पर वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में उतरने वाली टीम हो या फिर एथलेटिक्स और शूटिंग के धुरंधर, हर किसी का एकमात्र लक्ष्य देश का तिरंगा झंडा सबसे ऊंचे शिखर पर फहराना है। पूरा देश इन महामुकाबलों के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है ताकि एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों की जीत का जश्न मनाया जा सके।