राजनीति से पहले देश और शांति सबसे ऊपर: स्वर्ण मंदिर पहुंचे भाजपा पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया
भारतीय राजनीति और क्षेत्रीय कूटनीति के मोर्चे पर जब भी पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य की चर्चा होती है, तो वहां की संवेदनशीलता और सांस्कृतिक विरासत का विशेष महत्व सामने आता है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश पूनिया ने अपने संगठनात्मक दौरों के क्रम में अमृतसर स्थित सिखों के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में पहुंचकर पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका। उनके साथ पार्टी के कई अन्य स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्वर्ण मंदिर के पवित्र परिसर में पहुंचकर उन्होंने न केवल देश की सुख-समृद्धि की कामना की, बल्कि 'सरबत के भल्ले' की अरदास करते हुए पंजाब की आबोहवा में शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया। गुरुघर की इस पावन यात्रा ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक सरगर्मी और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ें ही राष्ट्र की असली ताकत होती हैं।
दर्शन और अरदास संपन्न होने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए सतीश पूनिया ने बहुत ही स्पष्ट और राष्ट्र-केन्द्रित शब्दों में अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए हमेशा से 'राजनीति से पहले देश' आता है और व्यक्तिगत या दलीय हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब की धरती संतों, पीरों और महान शहीदों की भूमि रही है, इसलिए इस प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखना हर उस व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए जो राज्य और देश के विकास के प्रति वफादार है। स्वर्ण मंदिर की पवित्रता और वहां से मिलने वाली समानता तथा मानवता की प्रेरणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान से इस महान धरती पर आना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।
बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाने का रोडमैप
सतीश पूनिया को हाल ही में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पंजाब राज्य में पार्टी के संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने संगठनात्मक मजबूती को लेकर अपनी भविष्य की रणनीतियों के संकेत भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि संगठन को ग्रासरूट यानी बूथ स्तर तक पूरी तरह से मजबूत करना है। जब तक पार्टी का कार्यकर्ता बूथ स्तर पर सक्रिय और सशक्त नहीं होगा, तब तक केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों और योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुंचाया जा सकता। आने वाले दिनों में पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर संगठन विस्तार की एक व्यापक और विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे पार्टी राज्य के हर कोने तक अपनी पहुंच बना सके।
संगठन की इस कार्यपद्धति में कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा उठाने और उन्हें जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा का यह मानना है कि पंजाब जैसे सामरिक और सीमावर्ती राज्य में एक मजबूत राष्ट्रवादी विकल्प की सख्त आवश्यकता है, जो आम जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान कर सके। सतीश पूनिया ने कहा कि पार्टी अपनी नीतियों, विचारों और राष्ट्र निर्माण के विजन को लेकर सीधे राज्य के नागरिकों के बीच जाएगी। कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से पार्टी पंजाब के हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, व्यापारी हो या श्रमिक—को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य को एक नई दिशा दी जा सके।
पंजाब की वर्तमान सरकार पर नशा और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर तीखा हमला
संगठन की मजबूती और आध्यात्मिक यात्रा के साथ-साथ सतीश पूनिया ने पंजाब की मौजूदा भगवंत मान सरकार की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने राज्य में बेलगाम हो रहे नशे के कारोबार, बढ़ते अपराध, आर्थिक बदहाली और चरमराती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरने में विफल रही है और राज्य के युवा नशे की गिरफ्त में लगातार पिछड़ रहे हैं। सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब में सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिरता का होना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद आवश्यक है, लेकिन वर्तमान प्रशासन इन मोर्चों पर काफी कमजोर साबित हो रहा है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सतीश पूनिया ने पंजाब के विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की 'डबल इंजन' सरकार बनाने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में डबल इंजन की सरकार आती है, तो केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के धरातल पर उतरेगा। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर नया औद्योगिक निवेश आएगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और सुशासन की एक बेहतरीन व्यवस्था स्थापित की जा सकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और शांति तथा विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए वह राष्ट्रवादी ताकतों के साथ मजबूती से खड़ी होगी।