सोनिया गांधी थीं सुपर PM और नेहरू का था चीन से कनेक्शन, नीतीश सरकार के मंत्री नितिन नवीन का बड़ा हमला
News India Live, Digital Desk : बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता नitin नवीन (Nitin Nabin) ने कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए पंडित नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देश के हितों से समझौता किया है।
बयान के मुख्य बिंदु: सोनिया गांधी और UPA काल
नितिन नवीन ने मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए:
'सुपर प्राइम मिनिस्टर' का आरोप: नवीन ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश में दो सत्ता केंद्र थे। मनमोहन सिंह केवल नाम के प्रधानमंत्री थे, जबकि असली फैसले सोनिया गांधी लेती थीं, जो एक 'सुपर पीएम' की तरह व्यवहार करती थीं।
रिमोट कंट्रोल सरकार: उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की सरकार 'रिमोट कंट्रोल' से चलती थी, जिससे देश के विकास और सुरक्षा के फैसले प्रभावित हुए।
नेहरू और चीन का 'कनेक्शन'
मंत्री नितिन नवीन ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा:
1962 की हार का जिक्र: उन्होंने कहा कि नेहरू की गलत नीतियों और चीन के प्रति "अत्यधिक विश्वास" के कारण भारत को 1962 के युद्ध में अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा।
जमीन कब्जाने का मुद्दा: नवीन ने दावा किया कि नेहरू के समय में चीन के साथ जो 'कनेक्शन' और 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा दिया गया था, उसी की आड़ में चीन ने भारत की हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन हथिया ली।
कांग्रेस की चुप्पी: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज की कांग्रेस जब चीन पर सवाल पूछती है, तो उन्हें पहले अपने पुरखों के फैसलों का जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
नितिन नवीन ने राहुल गांधी की हालिया विदेश यात्राओं और बयानों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि "कांग्रेस का डीएनए ही भारत विरोध पर टिका है।" उनके मुताबिक, राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर भारत की छवि खराब करने का काम करते हैं, जो उनके पूर्वजों की ही परंपरा का हिस्सा है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
नितिन नवीन के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है:
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस नेताओं ने इसे "इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश" बताया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए नेहरू और सोनिया गांधी का नाम लेती है।
RJD का रुख: राजद ने भी भाजपा पर विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया है।