Bihar Gangwar : अनंत सिंह और सूरजभान सिंह गुट फिर आमने-सामने बाढ़ में हमले के बाद FIR दर्ज,मोकामा में भारी तनाव

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News India Live, Digital Desk : बिहार के बाढ़ और मोकामा क्षेत्र में एक बार फिर वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) के समर्थकों पर हुए जानलेवा हमले के बाद मामला गरमा गया है। इस मामले में अनंत सिंह के समर्थकों ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह (Surajbhan Singh) और उनके करीबियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

घटना का विवरण: बाढ़ में हुआ हमला

यह विवाद तब शुरू हुआ जब बाढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में अनंत सिंह के कुछ समर्थकों पर घात लगाकर हमला किया गया।

हमले का तरीका: चश्मदीदों के अनुसार, अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की और समर्थकों के साथ मारपीट की। इस घटना में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

FIR में किसका नाम? अनंत सिंह के समर्थकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में सूरजभान सिंह, उनके भाई और कुछ अन्य कुख्यात अपराधियों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि यह हमला सोची-समझी साजिश के तहत वर्चस्व कायम करने के लिए किया गया था।

पुराना है 'छोटे सरकार' बनाम 'सूरजभान' का विवाद

मोकामा और बाढ़ की राजनीति में अनंत सिंह (जिन्हें समर्थक 'छोटे सरकार' कहते हैं) और सूरजभान सिंह के बीच का विवाद दशकों पुराना है।

वर्चस्व की लड़ाई: 90 के दशक से ही दोनों गुटों के बीच रेलवे टेंडर, रंगदारी और राजनीतिक प्रभाव को लेकर संघर्ष चलता रहा है।

ताजा तनाव: हाल के दिनों में पैरोल पर बाहर आए अनंत सिंह की बढ़ती सक्रियता और चुनावी समीकरणों ने इस पुरानी रंजिश में घी का काम किया है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा

बाढ़ और मोकामा में तनाव को देखते हुए पुलिस छावनी में तब्दील कर दी गई है:

गश्त बढ़ाई गई: संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और क्यूआरटी (QRT) की तैनाती की गई है।

गिरफ्तारी की कोशिश: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।

इलाके में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद स्थानीय बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों को डर है कि यह छोटी सी घटना बड़े 'गैंगवार' का रूप न ले ले। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले यह शक्ति प्रदर्शन की एक कोशिश हो सकती है।