Smartphone Hardware : क्या आप भी भूल जाते हैं अपना सामान रखकर? ब्लूटूथ 6.0 आ गया है आपका परमानेंट जासूस बनने

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News India Live, Digital Desk: आजकल हम सभी वायरलेस इयरफ़ोन या स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करते हैं। इनके साथ सबसे बड़ी मुसीबत तब होती है जब ये घर के ही किसी कोने में खो जाते हैं। अभी तक जो हमारे पास तकनीक थी, वो ये तो बता देती थी कि आपका इयरफ़ोन 'आस-पास' है, लेकिन वो 'सटीक जगह' नहीं बता पाती थी। पर अब ब्लूटूथ 6.0 इस दूरी को सेंटीमीटर में नाप लेगा।

ये सेंटीमीटर वाला जादू कैसे काम करता है?
ब्लूटूथ 6.0 में एक नई तकनीक जोड़ी गई है जिसे 'चैनल साउंडिंग' (Channel Sounding) कहा जा रहा है। सरल भाषा में कहें तो, यह तकनीक दो डिवाइस के बीच की दूरी को बिल्कुल वैसे ही मापती है जैसे कोई टेलर इंची टेप से नाप लेता है। अब आपका फोन आपको यह नहीं कहेगा कि "आपका बड इसी कमरे में है," बल्कि वो आपको बताएगा कि "आपका इयरफ़ोन ठीक 10 सेंटीमीटर की दूरी पर दाईं ओर है।"

सिर्फ सामान ढूंढना ही नहीं, सुरक्षा भी होगी तगड़ी
इस सटीक लोकेशन (High-Precision Tracking) का फायदा सिर्फ इयरफ़ोन ढूंढने में ही नहीं, बल्कि डिजिटल चाबियों (Digital Keys) में भी मिलेगा। आजकल बहुत सी कारें या घरों के ताले फोन से खुलते हैं। पुराने ब्लूटूथ वर्जन में थोड़ा रिस्क रहता था कि फोन दूर होने पर भी सिग्नल पकड़ लेता था। लेकिन ब्लूटूथ 6.0 के आने से सुरक्षा का लेवल बढ़ जाएगा; ताला तभी खुलेगा जब आपका फोन दरवाजे के बिल्कुल सटीक पास होगा।

क्या ये आपके फोन में अभी आ जाएगा?
देखा जाए तो टेक्नोलॉजी बन चुकी है, लेकिन इसे आपके हाथ तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। मोबाइल बनाने वाली कंपनियों और चिप निर्माताओं को अपने नए मॉडल्स में इसे शामिल करना होगा। तो हो सकता है कि अगले साल जब आप कोई नया प्रीमियम स्मार्टफोन या प्रीमियम ईयरबड्स खरीदें, तो उसमें आपको ब्लूटूथ 6.0 की ये सुविधा मिले।

चलते-चलते एक बात:
टेक्नोलॉजी चाहे कितनी भी आगे बढ़ जाए, हम जैसे भूलने वाले लोगों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब कम से कम इयरफोन खोने के डर से आप उसे अलमारी में बंद करके नहीं रखेंगे, बल्कि खुलकर इस्तेमाल करेंगे!